0 मूर्ति भंजन की आग में झुलस रही पुलिस ने अपनी खाल बचाने में जुटी
0 कार्यवाही के नाम पर निर्दोषों को उठाया जा रहा है
कोंच-उरई। बाकई अगर प्रशासन अपनी पर उतर आये तो मुद्दई की ही खाल उतार ले। ऐसा ही कुछ हो रहा है कल लाला हरदौल की मूर्ति तोड़े जाने के बाद उपजे बबाल के बाद जिसमें कार्यवाही के नाम पर पुलिस उन्हीं लोगों को उठाने में लगी है जिनका हरदौल और हनुमान मंदिरों से किसी न किसी प्रकार का कनैक्शन है। बीती आधी रात में पुलिस ने लाला हरदौल के मंदिर को जमीन देने बाले को उठा कर कोतवाली में बैठाया है तो दूसरे उस व्यक्ति के भी घर में दबिश दी जिसने हनुमान मंदिर के लिये जमीन दान में दी थी। यानी पुलिस को मामले के वादियों में उपद्रवी नजर आ रहे हैं जबकि जिन अराजक तत्वों के नाम खुले आम लिये जा रहे हैं, उन्हें पुलिस छू भी नहीं पा रही है। अभी तक पुलिस दर्जन भर लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर चुकी है लेकिन घटना के आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिये टेढी खीर बनता जा रहा है।
गुजरी 5 मार्च की देर शाम लगभग आठ से नौ बजे के बीच कस्बे के मोहल्ला भगतसिंह नगर के एकांत इलाके में बने हरदौल मंदिर में कतिपय अराजक तत्वों ने हरदौल की मूर्ति को तोड़ दिया था और समीप के हनुमान मंदिर से तमाम सामान चोरी कर लिया गया था। इन दोनों घटनाओं की स्वत: स्फूर्त प्रतिक्रिया में कल रविवार को नगर के हजारों लोगों ने सड़कों पर आकर प्रशासन के खिलाफ जबर्दस्त प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुये दर्जन भर थानों का फोर्स, पीएसी जो अभी भी कोंच की सड़कों पर गश्त कर रही है, के अलावा डीएम, एसपी तथा अपर पुलिस अधीक्षक भी दिन भर कोंच में डेरा डाले रहे और लोगों को आश्वासन दिलाया जाता रहा कि इस मामले के दाषियों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर रासुका तामील की जायेगी। बड़े अधिकारियों के कोंच से जाते ही कार्यवाही के नाम पर कोतवाली पुलिस ने आधी रात में जो तांडव किया वह दहला देने वाला था। मंदिर कमेटी से जुड़े श्रीराम का आरोप है कि रात में उसने नंदराम उर्फ नंदू कुशवाहा जिसने लाला हरदौल के मंदिर के लिये अपनी जमीन दी, चंदा कर मंदिर बनवाया, को ही पुलिस ने उठा कर कोतवाली में बंद कर दिया। इसके अलावा हनुमान मंदिर के लिये जमीन देने बाले राजेश पुत्र लक्ष्मीनारायण कुशवाहा के घर में भी दबिश देकर उसे हिरासत में लेने की कोशिश की गई। पुलिस की इस कार्यवाही से समुदाय बिशेष के लोगों में जबर्दस्त गुस्सा है और इसके खिलाफ उच्चाधिकारियों से शिकायत का मन बना रहे हैं। इलाकाई लोगों का आरोप यह भी है कि जिन लोगों के नाम खुले तौर पर बताये जा रहे हैं उन्हें पुलिस छू भी नहीं पा रही है।
निर्दोषों पर हाथ न डालने की नसीहत दी कांग्रेस ने
हरदौल मूर्ति तोड़े जाने के मामले में कांग्रेस ने भी अपनी सधी हुई प्रतिक्रिया दी है और पुलिस को नसीहत दी है कि कार्यवाही और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के नाम पर निर्दोषों को कतई न सताया जाये। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी जो एक प्रतिष्ठान संगम साड़ी प्लाजा के शुभारंभ के अवसर पर यहां आये थे, ने यहां पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस हमेशा धर्म निरपेक्षता की सबसे बड़ी झंडाबरदार रही है और सभी धर्मों को समान नजरिये से देखना उसकी सांस्कृतिक विरासत है। कोंच में लोकदेवता हरदौल की मूर्ति तोड़ा जाना नितांत निंदनीय कृत्य है जिसकी कड़े शब्दों में भत्र्सना की जाती है और दोषियों को दंड दिये जाने की मांग करती है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर निर्दोषों को जिस तरह से पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है वह गलत है और इन्हीं बजहों से जनता का पुलिस पर से भरोसा उठने लगता है। इस दौरान पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा हरदोई, नगर अध्यक्ष प्रभूदयाल गौतम, प्रियाशरण नगाइच, मोहम्मद अहमद, हिलाल अहमद, बिकार अहमद अंकज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
सख्त तेवर में विहिप, आंदोलन की चेतावनी
हरदौल की मूर्ति तोड़े जाने के मामले को विश्व हिंदू परिषद् ने भी गंभीरता से लेते हुये इस कृत्य की कड़े शब्दों में भत्र्सना करते हुये दोषियों को गिरफ्तार करने में शीघ्रता करने की मांग की है। आज कोंच आये विहिप के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह चैहान ने अपने संगठन के अन्य लोगों के साथ घटनास्थल को जाकर देखा और बाद में कोतवाली पहुंच कर पुलिस से दोषियों को ढूंढ निकालने के लिये कहा, अन्यथा की स्थिति में उन्होंने आंदोलन की भी चेतावनी दी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हम अन्य धर्मों का भी बराबरी से सम्मान करते हैं लेकिन हमारे धर्म पर यदि कुठाराघात होगा और इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जायेगी तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। धर्म की रक्षा हेतु एक एक हिंदू संकल्पबद्घ है। इस दौरान विहिप जिला कोषाध्यक्ष सत्यप्रकाश त्रिपाठी, भाजपा नेता राजेशप्रताप सिंह चैहान, केबी निरंजन मिरकू महाराज, शैलेष सोनी, रामराजा निरंजन, श्यामपाल, हरदोई, राजा चैहान, जानकीप्रसाद, पवन कुशवाहा, राकेश कुशवाहा, मुन्ना अहिरवार आदि मौजूद रहे।







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