नजदीकी युवक को तमंचे सहित दबोचा
वर्क आउट में कई सवालियां निशान होने से पुलिस की कार्रवाई कटघरे में
उरई। 6 मार्च की रात हाइवे के पास चिल्ली की ओर जाने वाले रास्ते पर गोली मारकर हुई युवक की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। इस सिलसिले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है जिसका मृतक के परिवार से घनिष्ट संबंध था। हालांकि एसपी की पीसी में आरोपी के हावभाव दाल में काला की स्थिति की ओर इशारा कर रहे थे।
शहर में बढ़ते अपराधों के बीच 7 मार्च को कैथेरी के पास चिल्ली मार्ग पर मिले श्यामू पाल (30वर्ष) नामक युवक का शव मिला था। जिसकी गोली मारकर उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह अपने एक संबंधी से मिलकर लौट रहा था। श्यामू पाल मूल रूप से औरैया का निवासी था लेकिन यहीं आकर बस गया था। रामनगर में पाठक के बगीचा के पास उसका मकान था। घर के पास ही वह किराने की दुकान चलाता था।
एक और सनसनीखेज वारदात से हड़बड़ाई पुलिस ने आनन-फानन में इस केस को वर्क आउट करके अपना पिंड छुड़ाने की रणनीति बनाई। पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने बुधवार को अपने कार्यालय में बुलाई गई पत्रकार वार्ता में दावा किया कि कोतवाली पुलिस ने मृतक के काॅल डिटेल के आधार पर आरोपी दीपक सिंह गौर निवासी ग्राम टिमरों के बारे में छानबीन की। पुख्ता परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिलने पर दीपक को हिरासत में लेकर उससे पूंछतांछ की गई तो पहले उसने सफाई देने की कोशिश की लेकिन जब पुलिस ने कई ऐसे सवाल पूंछे जिनका उत्तर उसके पास नही था। उसके बाद वह टूट गया और उसने जुर्म कुबूल कर लिया। दीपक की निशानदेही पर एक तालाब से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद करने का दावा पुलिस ने किया।
लेकिन पत्रकार वार्ता में दीपक ने पुलिस के आरोप की पुष्टि करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद मीडिया के सामने ही पुलिस के लोग उसे धमकाने लगे। पत्रकार वार्ता में बरामद तमंचा भी पुलिस ने नही दर्शाया। इससे पुलिस की कार्रवाई संदेह के घेरे में आ गई है। हालांकि प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना ने बाद में पुलिस की कार्रवाई पर उंगली उठाये जाने को गलत करार दिया और कहा कि केस को सही तरीके से वर्क आउट किया गया है।
चारित्रिक कारणों से हुई हत्या
पुलिस के कथन पर विश्वास किया जाये तो आरोपी दीपक श्यामू के पूरे परिवार में बेहद अजीज है। इसी नजदीकी की वजह से श्यामू के परिवार की एक युवती के साथ उसका प्रेम-प्रसंग चलने लगा था। कुछ दिन पहले श्यामू ने यह बात ताड़ ली थी। इस कारण उसने दीपक का अपने घर में आना-जाना बंद करा दिया था। इसी रंजिश में दीपक ने उसकी जान ले ली। पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची ने कहा कि मृतक के काॅल डिटेल से खुलासा हुआ कि उसके पास सबसे आखिरी काॅल दीपक की आई थी। उसी काॅल की वजह से वह कैथेरी गया। काॅल के पीछे बहाने से उसे दूर बुलाकर उसकी हत्या करने का उददेश्य था।
इन्हें दी शाबाशी
पुलिस अधीक्षक ने उक्त मामले के वर्क आउट में हाइवे चैकी के प्रभारी तनवीर अहमद, कोतवाली के कांस्टेबिल शैलेंद्र चैहान व अजय त्रिपाठी, सर्विलांस सैल के कांस्टेबिल गौरव बाजपेयी और जगदीश कुमार की अहम भूमिका बताई। उन्होंने हौसला अफजाई के लिए इस टीम को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।







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