11orai08 11orai05 11orai06 11orai07उरई। बजरंग दल के जिला संयोजक अखिलेश डीहा पुलिस रिकार्ड में भले ही संगीन धाराओं के मोस्ट वांटेड इनामी आरोपी हों लेकिन सरेंडर के बाद बजरंगियों व हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने उन्हें अपने जाबाज नायक की तरह हाथों-हाथ लिया।
अखिलेश डीहा को जेल ले जाने के लिए जैसे ही अदालत से बाहर जजी परिसर में लाया गया, लगभग एक सैकड़ा बजरंगी नारे लगाते हुए फूलमाला लेकर उनके पास उमड़ पड़े। बजरंगियों ने उन्हें इन मालाओं से लाद दिया। जिससे गदगद अखिलेश डीहा ने भी चिरपरिचित अंदाज में उन्हें अपने अभिनंदन का जोशीला प्रत्युत्तर दिया। इस दौरान बजरंगियों ने लगभग आधा घंटे तक जय-जय श्रीराम, गाय नही कटने देंगे, देश नही बटने देंगे जैसे नारे लगाये। पुलिस उनके हंगामें को मूकदर्शक होकर देखती रही।
पुलिस ने ली राहत की सांस
अखिलेश डीहा के खिलाफ दर्ज संगीन धाराओं के मुकदमें की वजह से उनकी बजाय सिरदर्द पुलिस को था। बवाल से बचने के लिए पुलिस खुद ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कुछ खास नही कर रही थी। लेकिन ऊपर के लोगों को जबाव देने के लिए उसे कागजी तलवारें भांजने की मशक्कत करनी पड़ रही थी। जिससे सारे अधिकारी परेशान थे। अखिलेश को भी पुलिस की कमजोरी का एहसास था जिससे मुकदमा दर्ज हो जाने की वजह से वे और उनके साथी एक भी दिन तनाव में नही आये। हालांकि जब अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया तो सरेंडर करना अखिलेश की मजबूरी हो गया। अखिलेश के बाद आधा दर्जन और इनामी बजरंगियों की गिरफ्तारी की चुनौती पुलिस के सामने है। लेकिन खुद एक पुलिस अधिकारी ने स्वीकार किया कि उनका आधे से ज्यादा सिरदर्द दूर हो गया है। अब अन्य बजरंगी सरेंडर करते रहेंगे पुलिस की समस्या अखिलेश के जेल पहुंच जाने से करीब-करीब खत्म हो गई है।

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