रामपुरा-उरई। नगर पंचायत में लगभग एक वर्ष से अधिशाषी अधिकारी और बाबू नदारत हैं। जिससे लोगों को जरूरी कामों के लिए भटकना पड़ रहा है।
बताया जाता है कि अधिशाषी अधिकारी रविवार की रात यहां पहुंचते हैं और बोर्ड की बैठक भी रविवार को ही रात में हो जाती है तथा विकास कार्यों के सारे फैसले गुपचुप ले लिये जाते हैं। कामों की कोई सूचना अखबारों में प्रकाशित नही होती। धांधली की इंतहा यह है कि पहले से निर्मित सीसी मार्गों पर कमीशन डकारने के लिए इंटर लाकिंग कराकर फंड की बर्बादी की जा रही है।
उधर स्टाॅफ के अंर्तध्यान रहने से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और सफाई, रोशनी व शौचालय की समस्या पर अर्ज करने के लिए पहुंचने वाले पीड़ितों व फरियादियों को परेशान होना पड़ता है। जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित कराकर मांग की गई है कि वे अधिशाषी अधिकारी की उपस्थिति के लिए दिन सुनिश्चित करायें। साथ ही फैसलों व कार्यों में पारदर्शिता की कमी को दूर करायें।







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