0 नशे की हालत में घटना को अंजाम दिया, चोरी के माल का अता पता नहीं
11orai13कोंच-उरई। कोतवाली पुलिस के लिये सबसे बड़ी सिरदर्दी का कारण बने लाला हरदौल मूर्ति भंजन कांड में पुलिस ने अपनी पहली जंग जीत लेने का दावा किया है। कांड के एक अभियुक्त को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बकौल पुलिस पकड़े गये अपराधी बिंदा ने नशे की हालत में उक्त दोनों घटनायें हनुमान मंदिर से चोरी और लाला हरदौल की मूर्ति को खंडित करने का काम कर डाला था। चोरी का माल खुर्दबुर्द बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक इस घटना में और भी कुछ लोगों की संलिप्तता हो सकती है जिसकी तफ्तीश अभी जारी है।
गुजरी 5 मार्च की देर शाम तकरीबन आठ से नौ बजे के बीच कस्बे के भगतसिंह नगर इलाके में आबादी से हट कर बने प्राचीन हनुमान मंदिर से चोरी कर ली गई थी और पास ही अवस्थित लाला हरदौल मंदिर में रखी हरदौल की मूर्ति को बुरी तरह से क्षत विक्षत कर यहां का साम्प्रदायिक माहौल खराब करने की चेष्टा की गई थी। इस मामले में हुये धरना प्रदर्शन और बाजार बंदी के बाद हालांकि प्रशासन हरकत में आया और उसने मामले की गंभीरता को समझते हुये पुलिस की कई टीमें बना कर अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिये थे। आज कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उक्त कांड में जिस अभियुक्त रशीद उर्फ बिंदा कुरैशी पुत्र शेरा निवासी आराजीलेन कोंच का नाम प्रकाश में आया है वह कैलिया बाईपास स्थित 132 केवीए बिजलीघर के पास छिपा है। सूचना पर फौरी संज्ञान लेकर कोतवाल मनवीर सिंह ने अपने अधीनस्थों दरोगा रवीन्द्र त्रिपाठी, जयवीर सिंह, राजवीर सिंह, उदयपाल सिंह, सिपाहियों राजाभैया, रामवीर सिंह, मुकेश यादव, कल्याणसिंह, गौरव राजपूत आदि के साथ बताये गये स्थान की घेराबंदी करके बिंदा को गिरफ्तार कर लिया।
बकौल पुलिस बिंदा ने बताया कि उस दिन उसने अपने साथियों के साथ जमकर शराब की और जब उसके पैसे खत्म हो गये तो उसने पहले हनुमान मंदिर से चोरी की उसके बाद लाला हरदौल मंदिर में जाकर मूर्ति को लोहे के राड से तोड़ दिया तथा वहां से भाग गया। नशा इतना अधिक हो गया था कि उसका मंदिर से चुराया गया सामान भी कहीं छूट गया। कोतवाल मनवीर सिंह का कहना है कि मामले में और भी कुछ लोग हो सकते हैं जिसकी तफ्तीश अभी जारी है और अगर कोई नाम प्रकाश में आता है तो उनकी भी शीघ्र ही गिरफ्तारी होगी। मालूम हो कि इस कांड में वादी संतराम की तहरीर पर चार पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कोतवाल ने कहा है कि वादी ने भले ही कितने भी नाम लिखा दिये हों लेकिन जब तक इस बात की तस्दीक नहीं हो जाती है कि पकड़ा गया व्यक्ति घटना में शामिल है, उसे जेल नहीं भेजा जायेगा, जो सही अपराधी होंगे उन्हें ही जेल भेजा जायेगा।
बिंदा का आपराधिक रिकॉर्ड है-मनवीर
मूर्ति भंजन कांड में आज पकड़ा गया बिंदा पहले भी सांम्प्रदायिक माहौल बिगाडने की स्थिति पैदा कर चुका है और कई वारदातों में लिप्त रहा है जिसका कोतवाली में आपराधिक रिकॉर्ड भी है। यह बात बताते हुये कोतवाल मनवीर सिंह ने कहा है कि गोकशी जैसी घटनाओं को उक्त बिंदा गाहे-ब-गाहे अंजाम देता रहता है और कई बार जेल भी जा चुका है। उन्होंने कहा है कि घटना से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा कतई नहीं जायेगा।

बिंदा ने गाय काट कर डाली थी कुंये में
11orai14गौरतलब यह भी है कि जिस दिन मूर्ति तोड़ी गई उसी दिन बिंदा का नाम प्रकाश में आ गया था लेकिन पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही ढील डाल दी थी और अभियुक्त को गिरफ्तार न करके 6 मार्च के आंदोलन को न्यौता दे डाला था। यह भी मालूम हो कि तकरीबन चार साल पहले जब उक्त लाला हरदौल मंदिर का जीर्णोद्घार हो रहा था तब भी इसी बिंदा ने मंदिर के समीप बने कुंये में गाय काट कर डाल दी थी और यहां का सांम्प्रदायिक माहौल बिगाडने की कोशिश की गई थी, लेकिन तत्कालीन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक पहुप सिंह ने मामले को बखूबी हैंडिल कर यहां का सांम्प्रदायिक सद्भाव बचाने में अपनी अहम् भूमिका अदा की थी।

इस तरह की घटनाओं का 5 तारीख से क्या रिश्ता है..?
कभी कभी संयोग और दुर्योग भी अजीब रंग दिखाते हैं। कोंच में जब भी सांम्प्रदायिक माहौल खराब करने वाली वारदातों को अंजाम दिया गया तो उसमें 5 तारीख का संयोग साफ परिलक्षित हुआ है। जिस दिन सोशल मीडिया पर एक समुदाय विशेष की भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट डाली गई थी और उस समुदाय ने उस पोस्ट के जेरोक्स करा कर हजारों की भीड़ इकट्ठा कर माहौल खराब किया था उस दिन संयोग से 5 सितंबर 2015 की तिथि थी और उस दिन कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार था। दुर्योग से लाला हरदौल की मूर्ति भी जिस दिन तोड़ी गई उस दिन 5 मार्च की तिथि थी और शिवरात्रि का पर्व एक दिन बाद आने वाला था। क्या इसे संयोग ही कहा जायेगा या कि सोची समझी साजिश के रूप में इसे देखा जाये, यह सवाल फिलहाल अनुत्तरित ही है।

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