0 36 गांवों में अस्सी से नब्बे, 6 गांवों में 25 फीसदी नुकसान हुआ
11orai15कोंच-उरई। गत 7 मार्च की शाम आये तेज आंधी पानी और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस प्रकोप में हालांकि समूचा बुंदेलखंड इलाका जिसमें मध्यप्रदेश के भी कई सीमावर्ती इलाके शामिल हैं, प्रभावित है लेकिन कुछ क्षेत्र इस प्रकोप से इसलिये बच गये कि वहां आंधी पानी और ओलों की हल्की सी बौछार ही आई थी। प्रशासन ने अपने राजस्व विभाग की टीमों को सर्वे पर लगाया है जो प्लॉट टु प्लॉट सर्वे कर आनी विस्तृत रिपोर्ट देंगे, लेकिन फौरी तौर पर प्रशासन ने जो रिपोर्ट बना कर भेजी है उसमें केवल 15 प्रतिशत गांव ही बताये गये हैं जिनमें भारी नुकसान हुआ है।
कोंच तहसील में कुल 279 गांव हैं जिनमें 202 आबाद हैं, बाकी गैरआबाद मौजे हैं। पिछले दिनों एसडीएम संजय कुमार सिंह और तहसीलदार जितेन्द्रपाल ने मौके पर जाकर ओलावृष्टि से हुई क्षति का आकलन किया था। तहसीलदार ने आज फिर कई गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने गांवों से लौट कर बताया है कि तहसील क्षेत्र के कुल गांवों का 15.05 गांवों में ही नुकसान हुआ है जिसमें 85.71 प्रतिशत गांवों में अस्सी से नब्बे फीसदी नुकसान है, जबकि शेष में बीस से पश्चीस प्रतिशत नुकसान है। 36 गांवों परासनी, घिलौर, रूपपुरा, चंदूपुरा, खेड़ा, पजौनिया, लोहई, भगवंतपुरा, धंजा, सुलखना, गंगथरा, गोबर्धनपुरा, डीहा, महतवानी, खकसीस, खैरावर, जुगराजपुरा, लरियापुरा, मुहम्मदपुरा, ईश्वरी, सिकरी बुजुर्ग, क्योलारी, हिड़ोखरा, तजपुरा सानी, सिमौरा, सलेमपुरा, रसूलपुरा, वंथरी, मुकुंदपुरा, कल्यानपुरा, दारापुर, कादिलपुरा, हजरतपुरा, रामनगर, नसीरपुरा में अस्सी से नब्बे फीसदी बर्बाद होने तथा अर्जुनपुरा, भखरौल, बावली, गिदवासा, बड़ी डांग व सजैरा में बीस से पश्चीस प्रतिशत फसलें बेकार हुई हैं। ये रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। स्थानीय अधिकारियों की अगर मानें तो लेखपालों और प्रभारी राजस्व निरीक्षकों को लगाया गया है जो फसलवार और रकवावार सर्वेक्षण कर जल्दी ही करके अपनी रिपोर्ट देंगे।

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