0 बैंक बंद होने के कारण ग्राहक नाहक हुये परेशान
11orai17कोंच-उरई। ग्रामीण भारत की रीढ़ कहे जाने वाले ग्रामीण बैंकों की दो दिनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल का यहां भी व्यापक असर देखने को मिला है। इलाहाबाद यूवी ग्रामीण बैंक में तालाबंदी के चलते यहां के उन ग्राहकों जो खासतौर पर कमजोर तबके से ताल्लुक रखते हैं और जिन्हें अक्सर बैंकों की शरण अपनी रोटी चलाने के लिये लेनी पड़ता है, को परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ा है।
बैंक अधिकारियों के मुताबिक ये हड़ताल उन्होंने अपनी जायज मांगों को लेकर की है। कोंच के शाखा प्रबंधक आरके सिंह का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर संजीदा नहीं है जिसके चलते उनके संगठन के सामने हड़ताल के अलावा और कोई विकल्प शेष नहीं बचा था। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर बताया कि ग्रामीण बैंकों में निजी क्षेत्र में प्रवेश संबंधी एक्ट में संशोधन वापिस हो तथा भुगतान एवं लघु बैंक के रूप में जारी किये जा रहे लाईसेंस तत्काल बापिस हों। बैंकिंग उद्योग के समान ग्रामीण बैंकों में भी पेंशन योजना लागू हो और पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी बापिस लेते हुये पीएफ एवं पेंशन सुविधा में समानता के ट्रिब्यूनल द्वारा तय सिद्धांत को प्रभावी किया जाये, 10वें वेतन समझौते को ट्रिब्यूनल अवार्ड के तय सिद्धांत के तहत संपूर्ण समानता के साथ सभी मद शीघ्र लागू किये जायें। प्रवर्तक बैंक हेतु वित्त मंत्रालय द्वारा जारी वेतन, भत्ते तथा सुविधाओं सहित सभी निर्देश ग्रामीण बैंकों में भी स्वतः प्रभावी करने की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इसके अलावा आधा दर्जन और भी विंदु हैं जिन पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चत कराने के लिये ये हड़ताल की गई है।

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