सिरसाकलार-उरई। विकास खण्ड कुठौंद की जहटौली ग्राम पंचायत गठन के ढाई दशक बाद विकास के नाम पर आंसू बहा रही है। दो हजार की आबादी वाले इस ग्राम पंचायत को बावजूद इसके अभी तक न तो अम्बेडकर ग्राम विकास योजना से जोडऩे का मौका मिल पाया और न ही लोहिया ग्राम विकास योजना से।
प्रधान श्याम सिंह ने बताया कि उनके गांव में कमजोर वर्ग के वोटरों का अच्छा खासा अनुपात है। फिर भी ग्राम पंचायत को सरकार और प्रशासन के सौतेले व्यवहार का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जहटौली पेंशन, आवास, शौचालय और पेयजल जैसी योजनाओं से कोसों दूर है। गांव के लोग भी हाशिये पर होने की वजह से बेहद दुखी नजर आते हैं। तुलसीराम, मेहरबान, विकास आदि ग्रामीणों ने जिलाधिकारी रामगणेश से गुहार लगाई कि इस पिछड़े गांव का उद्धार करने के लिये वे जहटौली को लोहिया ग्राम योजना में शामिल करायें।

Leave a Reply