
उरई। पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा ने जनाधिकार मंच के नाम से नये राजनैतिक दल का गठन किया है। इसके लिए जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करते हुए जिले में उन्होंने सोमवार को कई स्थानों पर सभाएं संबोधित की। उन्होंने बसपा और कांग्रेस पर उन्हें एनआरएचएम घोटाले में फसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। बाबूसिंह कुशवाहा के बुंदेलखंड इलाके से नये आगाज की सबसे ज्यादा धमक बहुजन समाज पार्टी में देखी गई। उनकी सभा में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मूलचरण निषाद को जोरशोर से जनाधिकार मंच में शामिल किये जाने की घोषणा की गई। बाबूसिंह ने जिस तरह के इरादे झलकाये उनसे बसपा नेतृत्व के माथे पर बल पड़ने का अनुमान किया जा रहा है।
जमुना पैलेस में बाबूसिंह कुशवाहा का उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। लोकेश सिंह कुशवाहा ने उन्हें कई किलो वजनी फूलमालाओं से लादा। अन्य कार्यकर्ताओं में भी उनके स्वागत की होड़ मची रही। बसपा को निशाने पर लेते हुए मायावती सरकार के समय पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे मूलचरण निषाद कोे उनके मंच पर बुलाकर उन्हें पार्टी में शामिल करने की घोषणा की गई। हालांकि बाबूसिंह अपनी बिरादरी के पूर्व जिलाध्यक्ष मूलशरण कुशवाहा को अपने पाले में खींचने में सफल नही हो पाये जो कि बसपा सरकार में उन्हीं के आर्शीवाद से जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने थे। बाबूसिंह के कई संदेश वाहकों ने मूलशरण पर डोरे डाले लेकिन वे पाला बदलने को तैयार नही हुए।
अपने भाषण में भी उन्होंने बसपा को खूब निशाने पर रखा और बाद में पत्रकार वार्ता में भी कहा कि वे किसी भी कीमत पर दोबारा बहुजन समाज पार्टी में शामिल नही होंगे। दूसरी तरफ उन्होंने सपा के साथ चुनावी तालमेल की संभावना को नकारने की बजाय कहा कि यह भविष्य की बात है जब चुनाव आयेंगे तब देखा जायेगा।
बाबूसिंह कुशवाहा ने कहा कि उनके साथ कुछ नेताओं ने साजिश रची जिसकी वजह से उन्हें बेगुनाह होते हुए भी चार साल जेल में रहना पड़ा। लेकिन वे यह भी बोले कि किसी नेता का नाम फिलहाल वे नही लेंगे। जबकि वे जानते हैं कि साजिश रचने वाले लोग कौन हैं।







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