परीक्षण के दौर से गुजर रहा है कोंच का नवनिर्मित बिजलीघर
तेईस करोड़ की लागत आई है इसके निर्माण में
कोंच-उरई। कोंच नगर ही नहीं बल्कि इलाकाई ग्रामीण अंचलों के साथ साथ नदीगांव और कैलिया इलाकों के बाशिदों के लिये यह खबर खुशी देने वाली हो सकती है। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो कोंच में वर्षों से लंबित पड़ी परियोजना 132 केवीए बिजलीघर मार्च के अंत तक शुरू कर देे की विभाग की योजना है। इसके लिये बिजलीघर आंतरिक परीक्षण के दौर में पहुंच चुका है। बिजलीघर के निर्माण में लगभग तेईस करोड़ रूपये की लागत आई है। एक्सईएन ट्रांसमिशन रामकृष्ण के मुताबिक मार्च के आखिर तक इसे चालू कर देने के लक्ष्य के साथ वह आगे बढ़ रहे हैं। यहां लगे ऑटोमेटिक सिस्टम की टेस्टिंग के लिये जरूर चेन्नई की कंपनी के टेक्नीशियनों को आना है और यह काम पूरा होते ही बिजलीघर को वह जनता के सुपुर्द कर देने की स्थिति में होंगे।
आखिर कोंच तहसील के बाशिंदों के लिये वह शुभ घड़ी आने ही वाली है जिसकी प्रतीक्षा यहां लंबे समय से की जा रही है। यानी बहुप्रतीक्षित कोंच का नवनिर्मित 132 केवीए विद्युत उपकेन्द्र अब जनता को समर्पित होनने में बस कुछ ही दिनों की देरी रह गई है। बिजली विभाग की ट्रांसमिशन विंग जिसके जिम्मे इसका निर्माण था, के आला अधिकारी लगभग रोज ही कोंच आकर इसकी कमियां दूर करने में लगे हैं और बिजलीघर आंतरिक परीक्षण के दौर में कदम रख चुका है। बिजलीघर के निर्माण पर लगभग सोलह करोड़ तथा लाइनों आदि पर लगभग सात करोड़ रूपये अनुमानित व्यय आया है। संवाददाता ने आज मौके पर जाकर काम का जायजा लिया तो वहां निर्माण संबधी कार्य समाप्त हो चुका है और अधिकारी इसकी टेस्टिंग करने में लगे हैं। अधिशासी अधिकारी पारेषण रामकृष्ण एवं एसडीओ आरएन कमल ने बताया है कि उनका लगभग सारा कार्य निपट चुका है और अंदरूनी परीक्षण किया जा रहा है जिसके लिये उन्होंने इंटरनल सप्लाई वाला ट्रांसफॉर्मर भी चार्ज कर लिया है। यहां बने विभिन्न ब्लॉकों में लगे ऑटोमेटिक सिस्टम चेन्नई की कंपनी ऑल्सटॉम एल एंड डी इंडिया लिमिटेड द्वारा लगाये गये हैं जिनकी टेस्टिंग उन्हीं के तकनीशियनों द्वारा की जानी है लिहाजा उन्हें अपना काम निपटाने के लिये कह दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया है कि वह मार्च के आखिर तक यह बिजलीघर जनता को सुपुर्द कर देने के लक्ष्य के साथ आगे बढ रहे हैं और उम्मीद है वह लक्ष्य प्राप्ति कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस बिजलीघर तक जालौन के उदोतपुरा से लाइन का निर्माण लगभग कंपलीट हो चुका है केवल चार टावर और खड़े होने हैं जो समय रहते पूरे कर लिये जायेंगे। बताना समीचीन होगा कि लगभग छह साल पहले कोंच में 132 केवीए विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना के लिये सैद्घांतिक रूप से तत्कालीन सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई थी। इतना ही नहीं, काम के लिये सरकार ने धन भी अवमुक्त कर दिया था लेकिन इसकी स्थापना के लिये लगभग चार साल का लंबा इंतजार करना पड़ा क्योंकि उस वक्त तक जमीन का टुकड़ा नहीं मिल सका था जिसके चलते यह बिजलीघर धरातल पर नहीं आ सका। बाद में कुछ जमीन सपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष रहम इलाही कुरैशी द्वारा दान दिये जाने और जरूरत की शेष जमीन विभाग द्वारा क्रय कर लेने के बाद इसका काम तेजी से आगे बढा और अब यह लोकार्पण जैसी स्थिति में है।
ब्रेक डाउन और लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी निजात
नवनिर्मित 132 केवीए विद्युत उनकेन्द्र चालू हो जाने के बाद इलाकाई बाशिदों को लो वोल्टेज के अलावा ब्रेक डाउन जैसी भीषण समस्या से भी निजात मिल जायेगी। अभी यह इलाका पेंतीस किमी दूर उरई स्थित 132 केवीए बिजलीघर से जुड़ा है जिसके कारण यदि कोंच की बत्ती ब्रेक डाउन में जाती है तो कर्मचारियों को उरई तक पेट्रोलिंग करके फॉल्ट ढूंढ़ना पड़ता है जिसमें दो चार दस बीस घंटे या दो दो दिन भी लग जाते हैं और लोगों को बिजली तथा पानी आपूर्ति जैसी समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। लाइन लॉस के कारण लो वोल्टेज की भी समस्या स्वाभाविक है जिसका कोई इलाज नहीं सिवाय कोंच लोकल में 132 केवीए के बिजलीघर के। इसके शुरू हो जाने से अब लोगों को इन समस्याओं से निजात मिलने की उम्मीद की जा रही है। कोंच इलाके के अलावा कैलिया और नदीगांव के बाशिंदे भी इस बिजलीघर से जुड़ कर अच्छी बिजली ले पाने की स्थिति में होंगे।







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