27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ceउरई। शहर में जड़ जमा चुके सटटे के काले बाजार को उखाड़ फेकने के लिए पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार के निर्देश की वजह से कोतवाली पुलिस को आखिर कमर कसनी ही पड़ी। एक दिन पहले पुलिस ने सात छुटभैइया सटोरियों को पकड़कर कोटा पूरा करना चाहा था लेकिन पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अगर आप लोग पाक साफ हैं तो सटटा खिलाने वाले मगरमच्छों पर हाथ डाले वरना आप हमारे लिए शक के दायरे में पहुंच जायेगे। इसके बाद कोतवाली पुलिस के सामने किसी का भी लिहाज न करने के अलावा कोई चारा नही रह गया और सटटा किंग कहे जाने वाले एक बड़े माफिया को उसने दबोच ही लिया।
जिले भर में सटटे का कारोबार पिछले कई महीनों से पैर पसारे हुए है। जिसमें इसकी लत लगाने वाले माफिया तो हर महीने लाखों के बारे-न्यारे कर रहे है लेकिन गरीब परिवारों पर मुसीबत टूटी हुई है। कई लोग जितना कमाते हैं उतने पूरे पैसे की पर्ची लगाकर हारने के बाद खाली हाथ घर चले आते हैं। भले ही उनकी पत्नी और बच्चों को इसकी वजह से भूखा सोना पड़े। मरता क्या न करता की तर्ज पर कई बर्बाद लोग इसी वजह से चोरी और लूट जैसी घटनाओं में जुट पड़े हैं। पुलिस अधीक्षक ने बढ़ते अपराधों की जब इस नब्ज को पकड़ा तो उन्होंने सटटे के कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया।
इसी का नतीजा रहा कि आज इंदिरा नगर निवासी अंकित गुप्ता को पुलिस ने आज अपनी सारी मेहरबानी खत्म करके दबोच लिया। बताया जाता है कि अंकित के तार इंदौर और मुंबई तक जुड़े हुए हैं। उसकी गिरफ्तारी की खबर से उसके टुकड़ों पर नेतागीरी करने वाले कई लोग उसे महापुरुष बताते हुए कोतवाल के पास उसे छुड़ाने के लिए पहुंच गये। लेकिन कोतवाल आलोक सक्सेना ने उन्हें इतनी बुरी तरह दुतकार कर बैरंग वापस किया कि कुछ दिनों शायद वे किसी भी काम के लिए कोतवाली में मुंह करने की कोशिश नही करेंगे।

Leave a comment