09orai01उरई। सजायाफ्ता कैदी को हालत बिगडऩे पर जेल से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। उसने रास्ते में एम्बुलेन्स में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचने पर डाक्टर ने उसकी नब्ज देखी और कहा ही इज नो मोर।
कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम नहरापुर का निवासी मानसिंह अपने भाई अतर सिंह के साथ लगभग सवा साल से जिला जेल में बन्द था। कालपी कोतवाली में दर्ज हत्या के मामले में दोनों भाइयों को जिला जज की अदालत से 16 जनवरी 2015 को आजीवन कारावास की सजा सुनाये जाने के बाद जिला जेल में रखा गया था।
जेलर कैलाश चन्द्र ने बताया कि मान सिंह कई दिनों से बीमार चल रहा था। उसे एक सप्ताह पहले दो अप्रैल को भी घबराहट की शिकायत होने पर चेकअप के लिये जिला अस्पताल भेजा गया था। इस दौरान उपचार के बाद स्वस्थ हो जाने पर वह फिर से जेल वापस लाया गया लेकिन शनिवार को उसे अचानक दिल का तेज दौरा पड़ गया जिससे वह इस बार नहीं बच सका। कैदी की मौत की खबर के बाद जेल में प्रारंभिक जांच करने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार सक्सेना ने कहा कि सरसरी तौर पर लगता है कि मानसिंह की मौत बीमारी की वजह से ही हुई है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जायेगी।

Leave a comment