उरई। शनिवार को मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में जिला मुख्यालय और तहसील स्थित बाह्यï न्यायालयों में 575 मुकदमे निस्तारित किये गये। पारिवारिक व वैवाहिक विवादों के 21 मामले लोक अदालत में निस्तारित हुए जबकि मोटर वाहन दुर्घटना के दो दावों में याचियों को विपक्षी बीमा कंपनी से 31 लाख 43 हजार 76 रुपये क्षतिपूर्ति दिलायी गयी। आज के आयोजन में 850 वादकारी लाभान्वित हुए। दूसरी ओर अर्थदंड वसूली के माध्यम से 48300 रुपया सरकारी खजाने में जमा कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव पीयूष तिवारी ने आज की लोक अदालत की ब्रीफिंग करते हुए बताया कि कुटुम्ब न्यायाधीश रामअचल यादव ने भरण पोषण अधिनियम के 11 मुकदमों सहित 13 पारिवारिक विवाद के मामले निस्तारित किये। विशेष न्यायाधीश दस्यु उन्मूलन अनिल कुमार उपाध्याय ने दस मामलों का निस्तारण करते हुए एक एमएसीपी में बीमा कंपनी से पीडि़तों को 12 लाख रुपया मुआवजा दिलाया। अपर जिला जज संजय कुमार सिंह ने विद्युत अधिनियम के 30 और विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने उत्तराधिकार अधिनियम के 8 वादों का निस्तारण किया।
प्रभारी सीजेएम पीयूष तिवारी ने 49, जेएम कोंच राजीव कुमार सिंह ने 206, अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोंच विजय कुमार कटियार ने 28, सिविल जज जूनियर डिवीजन उरई विवेक विक्रम ने 5 आपराधिक प्रकरण और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन उरई पीयूष वर्मा ने एक सिविल वाद का निस्तारण किया। लोक अदालत की अध्यक्षता प्रभारी जिला जज नन्दलाल ने की।
उधर अपर जिला मजिस्ट्रेट आनंद कुमार ने राजस्व विधि का एक प्रकरण निस्तारित किया। वहीं धारा 107/116 सीआरपीसी के अन्तर्गत जनपद की विभिन्न मजिस्ट्रेटी अदालतों ने 170 प्रकरणों का निस्तारण किया। विभिन्न राजस्व न्यायालयों ने भू राजस्व अधिनियम के 44 वाद सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये। इस अवसर पर अपर जिला जज रोहित सिन्हा, शिवदान यादव और दिनेश तिवारी उपस्थित रहे।







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