तिलक चन्द्र अहिरवार क्लीन बोल्ड, सिद्धार्थ बने बसपा के जोन कोआर्डिनेटर

उरई। बहुजन समाज पार्टी में एक बड़े उलटफेर को अंजाम दिया गया है जिसके तहत तिलक चन्द्र अहिरवार से जोन कार्डिनेटर का पद छीन लिया गया है। इसके साथ ही उनके खासमखास मानसिंह पाल को मण्डल कोआर्डिनेटर के पद से हटा दिया गया है। इस बदलाव से तिलक चन्द्र अहिरवार की गणेश परिक्रमा कर अपनी चुनावी गोटी फिट करने में लगे विधानसभा प्रत्याशी सन्निपात की हालत में पहुंच गये हैं।
मालूम रहे कि जिला पंचायत चुनाव के टिकट वितरण के समय ही तमाम प्रतिकूल चर्चाओं के बीच तिलक चन्द्र अहिरवार को जोन कोआर्डिनेटर पद से हटाये जाने की चर्चायें गर्म रहीं थीं लेकिन इसके बाद भी कई महीनों तक उन्हें जारी रखा गया। जिससे इन अटकलों को विराम लग गया। तिलक चन्द्र अहिरवार और पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी के बीच छत्तीस का आंकड़ा चलता था। तिलक चन्द्र अहिरवार ने बुन्देलखण्ड की जिम्मेदारी मिलते ही एक-एक करके बृजलाल खाबरी के समर्थकों को किनारे लगा दिया था। इसके बाद तिलकचन्द्र अहिरवार की भी खुफियागीरी दूसरे खेमे ने शुरू कर दी थी और उनके बारे में इसके लिये काफी मेटेरियल इकट्ठा कर लिया गया था। मानसिंह पाल से जुड़े एक जमीनी विवाद के कागज भी इसमें शामिल थे। जिन्हें मौका लगते ही बहनजी के दरबार में पहुंचा दिया गया और इसका तत्काल असर हुआ। तिलक चन्द्र अहिरवार एकदम से क्लीन बोल्ड कर दिये गये।
हालांकि उनका पत्ता साफ होने के बावजूद बृजलाल खाबरी की दाल फिलहाल नहीं गल पायी है। उन्हें और उनके समर्थकों को तिलक चन्द्र की जगह वापस बुन्देलखण्ड जोन का कार्यभार मिल जाने की उम्मीद थी लेकिन पार्टी सुप्रीमो मायावती ने बुन्देलखण्ड जोन की जिम्मेदारी आगरा और कानपुर के जोन कोआर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ को सौंपी है। खाबरी खेमे को इसमें भी तसल्ली है। वजह यह है कि अशोक सिद्धार्थ के पास बुन्देलखण्ड जोन की अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। जिससे वे इस जोन के लिये बहुत समय नहीं दे पायेंगे। अभी यह तय किया गया है कि वे एक दिन बुन्देलखण्ड जोन में भ्रमण कर जायजा लेते रहेंगे। इसे देखते हुए अनुमान है कि जालौन जिले में सिद्धार्थ को खाबरी की सलाह से ही काम करना पड़ेगा। इस संभावना के मद्देनजर खाबरी खेमा बल्ले-बल्ले हो रहा है।
इस बदलाव से उरई जालौन विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी अजय पंकज को भी सांप सूंघ गया है। खाबरी के खिलाफ लामबंदी करने में वे सबसे आगे थे लेकिन नये समीकरणों से उनकी खुद की नैया भंवर में अटक सकती है। दूसरी ओर कालपी क्षेत्र से एक समय पार्टी के प्रत्याशी रहे संजय भदौरिया के यहां जश्न का माहौल नजर आया। उन्हें खाबरी का नजदीकी होने की वजह से तिलक चन्द्र अहिरवार ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखवा दिया था। अब उनकी पार्टी में वापसी के आसार बढ़ गये हैं। इसी बीच मिली अग्रिम खबर के अनुसार मानसिंह पाल को पार्टी सुप्रीमो ने पद छीनने के साथ-साथ पार्टी से भी निष्कासित कर दिया है।

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