उरई। अखिल भारतीय इतिहास संकलन के कानपुर प्रान्त का प्रथम अधिवेशन सिटी सेन्टर में आयोजित हुआ जिसमें संगठन के राष्ट्रीय मंत्री डा.बालमुकुन्द पांडेय ने कहा कि औपनिवेशिक दौर में इतिहास लेखन भारतीय गौरव को नष्ट करने और देश को नीचा दिखाने के लिये किया गया है। इतिहास का पुनर्लेखन एवं पुनप्र्रस्तुतीकरण कर इसमें सुधार लाने के महती प्रयास किये जा रहे हैं।
समारोह के उद्घाटन सत्र में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सुरेन्द्र दुबे, शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री ओमपाल, अधिवेशन संयोजक डा.प्रयाग नारायण त्रिपाठी ने भी विचार प्रकट किये। अधिवेशन की अध्यक्षता डीवी कालेज में इतिहास विभाग की रीडर डा.शारदा अग्रवाल और संचालन डा.राजेश चन्द्र पांडेय ने किया। उद्घाटन सत्र में रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी ने बुन्देलखण्ड की प्यारी धरती शीर्षक कविता प्रस्तुत की। दूसरा सत्र तकनीकी विषय पर केन्द्रित था जिसमें शहर के विषय विशेषज्ञों ने इतिहास और आन्दोलनों पर विस्तार से चर्चा की। जिनमें डा.हरीमोहन पुरवार, डा.अनूप कुमार गुप्ता, डा.जयश्री पुरवार, डा.शारदा अग्रवाल, डा.सलिल तिवारी, डा.प्रयाग नारायण त्रिपाठी, विनोद कुमार अहिरवार प्रमुख रहे। इस सत्र की अध्यक्षता डा.देवेन्द्र कुमार सिंह ने की। राजेन्द्र सिंह निरंजन ने सत्र की आख्या प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के समापन पर आभार प्रदर्शन अभय कुमार द्विवेदी ने किया। डा.नीलम मुकेश, मुकेश निगम, डा.राजेन्द्र पुरवार, सांसद भानु, डा.रामशंकर द्विवेदी, डा.बृजेश पांडेय, डा.जयशंकर तिवारी, डा.योगेन्द्र प्रताप सिंह, राजेन्द्र त्रिपाठी, शिवराम तिवारी, भाजपा के जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल, पराग, अनिल, डा.दीपेश, रवि मिश्रा, राजाराम व्यास भी उपस्थित रहे।






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