उरई। सफाई कर्मचारी आन्दोलन द्वारा गत वर्ष 10 दिसम्बर से पूरे भारत में मैला प्रथा की पूर्ण समाप्ति हेतु शुरू की गयी भीम यात्रा आज अपने पड़ाव के अन्तर्गत नगर में पहुंची। जिसका सफाई कर्मचारियों और बाल्मीकि समाज के लोगों ने जोरदार स्वागत किया।
इस अवसर पर डिग्निटी फाउंडेशन के नेता भग्गूलाल बाल्मीकि ने कहा कि मैला ढोने की प्रथा भारतीय समाज और संस्कृति के लिये कलंक है। उन्होंने कहा कि मानवता पर आधारित व्यवस्था ही किसी देश को उन्नति की ओर अग्रसर करने और विश्व समाज में सिर उठाकर चलने की क्षमता प्रदान करती है। इसलिये ऐसी अभिशप्त प्रथाओं और कुरीतियों को मिटाने के लिये पूरे समाज को आगे आना चाहिये। इस अवसर पर किशोरीलाल बाल्मीकि, रमेश फौजी, दयाराम, सतीश, पिंटू, लोकेश, भूरे लम्बरदार आदि ने भी विचार प्रकट किये। कुकरगांव के भन्तेजी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर यात्रियों का मनोबल बढ़ाया।






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