उरई। रामपुरा थाने के जमालपुरा गांव में चार दिन पहले हुई एक ग्रामीण की कुल्हाड़ी से सिर काटकर हत्या के मामले का खुलासा हो गया है। इस ब्लाइंड मर्डर केस का अनावरण बेहद नाटकीय रहा। हत्या के शिकार ग्रामीण की पत्नी ने जब अचानक थाने पर आकर कहा कि उसी ने अपने आदमी को मारा है तो पुलिस एक बारगी भौचक रह गयी। एसओ ने अधिकारियों को सूचना दी जिसके बाद सीओ के अलावा एसपी ने भी महिला से गहन पूछताछ की और बाद में उसकी गिरफ्तारी की हरी झंडी दे दी गयी।
जमालपुरा गांव में सात अप्रैल की रात गंगा प्रसाद (55 वर्ष) की हत्या कर दी गयी थी। मृतक की लड़की अपनी मां के कहने पर चाबी मांगने के लिये बरामदे में लेटे पिता को जगाने गयी तो उसका पैर खून से सन गया और घबराहट में जब उसने पिता के बिस्तर की ओर देखा तो वह डर के मारे चीख पड़ी क्योंकि गंगा प्रसाद बिस्तर पर मृत पड़े थे और उनकी गर्दन धड़ से कटी हुई थी। सुबह पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गयी लेकिन कोई अंदाजा नहीं कर पा रहा था कि हत्या किसने की है। गंगा प्रसाद की छोटी बेटी का 24 अप्रैल को विवाह तय था। इसलिये पहले यह अनुमान लगाया गया कि बेटी के दहेज के लिये जोड़ी रकम को लूटने के इरादे से उनकी हत्या की गयी है।
लेकिन बात नगर में ढिंढोरा बगल में छोरा की साबित हुई जब पछतावे से भरी गंगा प्रसाद की पत्नी गुड्डी देवी खुद थाने पहुंच गयी और बोली कि किसी दूसरे ने नहीं मैंने अपने आदमी को मारा है। उसने कहा कि उसी ने जानबूझकर खुद को लैट्रिन लगी होने का बहाना करके अपनी लड़की को पिता से चाबी मांगने के लिये भेजा था। उसने कहा कि घटना के पहले उसका पति से झगड़ा हो गया था और पति ने उसे धमकी दी थी कि वह उसे मार डालेगा। उसने सोचा कि गंगा प्रसाद कहीं सचमुच उसकी हत्या न कर दे। इसलिये उसी को निपटा देने का इरादा उसने बना लिया।
ब्लाइंड मर्डर के इस एंटी क्लाइमेक्स पर पहले तो पुलिस को विश्वास नहीं हुआ। एसओ राजा भइया की बुद्धि चकरा गयी। उन्होंने अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा। अधिकारियों ने भी जब ठोक परख लिया तो गुड्डी देवी को जेल भेजने के साथ पुलिस ने मामले का पटाक्षेप किया।






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