27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ceउरई। समाज कल्याण अधिकारी घासीराम प्रजापति की आज अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़न के मामलों में सहायता वितरण की समीक्षा बैठक में जमकर फजीहत हुई। विभाग द्वारा उनके निर्देशन में तैयार की गई बुकलेट में गलतियों की भरमार थी। कहीं नाम गलत था तो कहीं तारीख और सफाई के नाम पर समाज कल्याण अधिकारी सिर्फ इतना कह पा रहे थे कि यह मेरी पहली बैठक है। डीएम ने कहा कि आप खुद भी शर्मिंदा हो रहे हैं और हमें भी शर्मिंदा कर रहे हैं। यह विडंबना है कि अधिकारी होते हुए भी आप अपने विभाग की बुकलेट तक सही करने में सक्षम नही हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़न अधिनियम के 36 मामलों के पीड़ितों को 31 लाख 57 हजार रुपये सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। 9 मामले अभी लंबित हैं। जिलाधिकारी ने आवश्यक पूंछतांछ के बाद इन मामलों को भी मंजूरी प्रदान करने का आदेश जारी कर दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार भी उपस्थित रहे।

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