27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ceकोंच-उरई। हालांकि पूर्ववर्ती वर्षों में अप्रैल माह कभी भी इतना गर्म नहीं रहा लेकिन अबकी दफा बैरोमीटर फाड़ कर पारा पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करने पर आमादा दिख रहा है। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो बीते वर्षों के मुकाबलेे खुद अपने आप में एक रिकॉर्ड है। ऐसी भीषण तपन और जानलेबा गर्मी में जहां पशु पक्षी बेमौत दम तोड़ रहे हैं, वहां मासूम नौनिहालों के स्कूलों का जो समय आठ-नौ से लेकर दोपहर दो-ढाई बजे तक का है, बाकई जानलेवा है। जहां बड़ों बड़ों की सांसें गर्मी की भयावहता के कारण उखड़ रहीं हैं वहां इन मासूमों के स्वास्थ्य के साथ जबर्दस्त खिलवाड़ किया जा रहा है। शिक्षाविद् देवेन्द्र द्विवेदी कहते हैं कि बुंदेलखंड के ललितपुर में स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है। उसी तर्ज पर इस जिले में भी बच्चों और नौनिहालों के स्कूलों का समय बदले जाने की जरूरत महसूस की जा रही है ताकि नौनिहाल सुरक्षित रह सकें।

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