05orai15 05orai16कोंच-उरई। यहां नया पटेल नगर में जारी श्रीमद्भागवत कथा के दौरान गुरुवार को कथा व्यास पं. नवनीत मिश्र शास्त्री ने परमात्मा के विभिन्न अवतारों की कथा का वर्णन बड़े ही सुरूचिपूर्ण ढंग से करते हुये श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। आज की कथा में रामावतार और कृष्णावतार की कथायें भी उन्होंने सुनाईं। उन्होंने कहा कि जब भी पृथ्वी पर अधर्म बढता है या भक्तों पर संकट आता है, तब परमात्मा अवतार धारण कर पृथ्वी और भक्तों के कष्टों को हरते हैं। उन्होंने गजेन्द्र मोक्ष की कथा सुनाते हुये कहा कि जब प्राणिमात्र के सभी सगे सम्बंधी उसका साथ छोड़ देते हैं तब ईश्वर ही उन पर कृपा करने के लिये आते हैं।
आज की कथा में विद्वान कथा प्रवक्ता ने परमात्मा के समय समय पर लिये गये अवतारों की कथायें सुना कर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। उन्होंने गजेन्द्र मोक्ष की कथा के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि प्राणिमात्र को केवल परमात्मा पर ही विश्वास करना चाहिये, सांसारिक बंधन तो स्वार्थपूर्ण होते हैं। उन्होंने राम अवतार की कथा में बताया कि जब पृथ्वी पर रावण जैसे राक्षसों के अत्याचार ज्यादा बढ गये तो उन्होंने अयोध्या में राजा दशरथ के यहां अवतार लिया और राक्षसी प्रवृत्तियों के संहार के लिये अयोध्या का राज सिंहासन त्याग कर वनवास का वरण किया। उन्होंने कृष्णावतार की कथा सुनाते हुये उन्होंने कहा कि कंस के बढते अत्याचारों से पृथ्वी कराहने लगी और उसने गोवेश धारण कर क्षीर सागर में जाकर श्रीहरि से प्रार्थना की तो परमात्मा ने सोलह कलाओं के साथ मथुरा स्थित कंस के कारागार में देवकी और वसुदेव के यहां अवतार धारण किया। जैसे ही कृष्ण प्राकट्य होता है लोग आनंदित हो उठते हैं, कथा स्थल पर गोले दाग कर उनके आगमन का स्वागत किया गया महिलाओं ने बधाइयां गाईं। धूमधाम के साथ नंदोत्सव मनाया और प्रसाद वितरित किया गया। शतचंडी यज्ञ के यजमान की भूमिका में कैलाशीदेवी ने भागवत महापुराण की आरती उतारी।

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