water crises

उरई – महोबा मे केन्द्र सरकार द्वारा लोगो की प्यास बुझाने के लिए रवाना की गयी जल एक्सप्रेस को रोके जाने के मुद्दे ने तूल  पकड़ लिया है। राज्य सरकार का कहना है कि उसके पास न तो पानी  स्टोर करने की व्यवस्था है और न ही जरूरतमंद गावों तक पहुंचाने के लिये  टैंकर। दूसरी ओर भाजपा इस पैतरे से बैकफुट पर जाने को तैयार नहीं है वल्कि उसे अखिलेश सरकार पर इस बहाने जोरदार हमला करने का हथियार मिल गया है। शुक्रवार को जिस तरह भाजपाइयों ने बुंदेलखंड के सभी जिलों मे जल एक्सप्रेस रोके जाने के खिलाफ ज्ञापन दिए उससे समाजवादी पार्टी दवाब मे आती दिख रही है।

                                                                       इस कड़ी मे जिले के भाजपा नेताओं ने भी  आज कलेकट्रेट मे प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस ज्ञापन मे कहा गया है कि मानवीय आधार पर जन प्रतिनिधियों द्वारा की गयी मांग के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने महोबा मे जल एक्सप्रेस भेजने का फैसला करके बहुत उचित पहल की थी लेकिन महोबा के कलेक्टर ने राज्य सरकार के इशारे  पर यह कह दिया कि महोबा मे  पानी की कमी नहीं है। समाजवादी पार्टी की इस ओछी राजनीति से महोबा का  दुखी आवाम ही नहीं पूरा बुंदेलखंड आहत  और आक्रोशित है। भाजपा नेताओं ने इस दौरान जालौन जनपद मे भी पानी की समस्या गम्भीर होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि जनपद मे  सभी तालाब सूख गए है जिस से बेजुबान मवेशी तड़प तड़प कर मरने को मजबूर हो रहे है। बड़ी संख्या मे हैंडपंप ठप होते चले जा रहे है जिससे गांव- गांव मे पानी को लेकर हाहाकार बढ़ रहा है जबकि शासन प्रशासन कुछ करने की वजाय हाथ पर हाथ धरे बैठा है। जिले मे २००० से अधिक हैंडपंप रिबोर कराने  के लिये चिन्हित किये गये  थे जिनमे से २००-२५० हैंडपंप ही अभी तक रिबोर हो पाए है। ढीले काम की वजह से जन प्रतिनिधियों के कोटे के २५ % हैंडपम्प भी अभीतक नहीं लग पाए है जबकि जिलाधिकारी को सूची कभी की उपलब्ध कराई जा चुकी है।

                                       ज्ञापन देने वालो मे उदयन पालीवाल ,ब्रजभूषण सिंह ,नरेंद्र सिंह , उदय पिंडारी , लष्मीकंत बजाज , तरुण तिवारी आदि उल्लेखनीय  थे।

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