‘विवादित मामलों में सिर्फ 151 से नहीं चलेगा कामÓ
कोंच। एसपी बबलू कुमार की कड़क मिजाजी आज अपने अधीनस्थों पर साफ दिखी, उन्होंने तमाम अभिलेख चेक काने के बाद कार्यप्रणाली पर खासी नाराजगी जताई। कोतवाल मनवीर सिंह को उन्होंने सख्त ताकीद की कि विवादित मामलों में केवल 151 की कार्यवाही से काम नहीं चलने बाला है बल्कि उन्हें समस्या का गुणवत्तापूर्ण समाधान चाहिये। क्राइम रजिस्टर को लेकर उन्हों मुंशियाने को भी हड़काया। कोतवाली में सीएस और एफआर के कम्प्यूटरीकृत नहीं होने को लेकर भी उन्होंने कोतवाली पुलिस की खिंचाई की और इसे कम्प्यूटरीकृत किये जाने की हिदायत दी। उन्होंने शांति भंग की धाराओं 107/116 तथा 151 के मामलों को भी रजिस्टर नंबर 4 में दर्ज करने के निर्देश दिये। यहां दिलचस्प यह है कि निस्तारण रजिस्टर में कई मामले निस्तारित दिखाये गये थे लेकिन जब कप्तान ने निस्तारण की सूरत पूछी तो कोतवाली बगलें झांकती नजर आई। यह तस्पीर बताती है कि कागज की पूर्ति कागज और कलम से निपटाई जा रही है और समस्या जहां के तहां मुंह बाये खड़ी है।
पत्रकारों ने डीएम को स्थानीय समस्यायें बताईं
कोंच। समाधान दिवस में मौजूद पत्रकारों ने नगर की कई ज्वलंत समस्याओं की ओर अधिकारियों खासतौर पर डीएम संदीप कौर का ध्यान खींचने का प्रयास किया। उन्हों बताया कि कोंच में जाम और ट्रैफिक की बिगड़ती स्थिति को देखते हुये दो किमी के कैलिया बाईपास का अगर निर्माण करा दिया जाये तो काफी हद तक परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है क्योंकि फिर बड़े वाहनों पर कस्बे में घुसने पर रोक लगाई जा सकती है। इसके अलावा बजबजाती सीवर और सीवर की गंदगीयुक्त वाटर सप्लाई की ओर भी डीएम का ध्यान खींचा गया और इन दोनों योजनाओं के पुनर्गठन की सिफारिश की गई। डीएम ने इन समस्याओं को डायरी में नोट करते हुये भरोसा दिया कि वह इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को बुला कर इनका स्टीमेट तैयार कराके शासन को भिजवा देंगी, शासन से अगर स्वीकृति मिलती है और पैसा आता है तो इन कामों के होने में देर नहीं लगेगी। मलंगा नाले की सफाई को लेकर भी उन्हों कहा है कि ग्राम प्रधानों को बुला कर ग्राम निधि से इसकी सफाई कराने का प्रयास किया जा रहा है।






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