0 पूरे नगर का भ्रमण किया शोभा यात्रा ने
0 जगह जगह हुआ स्वागत
0 भगवान परशुराम का तिलक किया कामतानाथ मुख्य द्वार के महंत ब्रह्मचारी जी ने
09orai06 09orai07 09orai08 09orai09 09orai10कोंच-उरई। सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती अक्षय तृतीया के अवसर पर विप्र समुदाय ने भव्य शोभा यात्रा निकाल कर ब्राह्मण एकता का संदेश दिया। कामतानाथ चित्रकूट मुख्य द्वार के महंत रामानंदाचार्य रामस्वरूपाचार्य ब्रह्मचारी जी महाराज ने भगवान परशुराम का तिलक कर आशीर्वाद ग्रहण किया। शोभा यात्रा में जगह जगह परशुराम भगवान की आरती उतारी गई और विप्र समाज के अलावा भी लोगों ने उनका तिलक किया। इस दौरान ब्राह्मण एकता जिंदाबाद के नारे लगाये गये, यात्रा मार्ग में जगह जगह लोगों ने जलपान की व्यवस्था भी की थी। अंत में ब्राह्मण महासभा परिसर स्थित भगवान परशुराम मंदिर में उनका अभिषेक किया गया। वहां आयोजित संगोष्ठी में ब्राह्मण समाज के बुर्जुवाओं और युवाओं नेे संदेश दिया कि ब्राह्मणेत्तर गतिविधियों को तिलांजलि देकर संस्कारित जीवन जियें ताकि विप्र समाज के आहत गौरव को पुनरू प्रतिष्ठापित किया जा सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा के क्षेत्र में जिले की नामचीन हस्ती कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज ने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और उनमें ब्राह्मणोचित संस्कार डालने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह अपने महाविद्यालय में गरीब बच्चों को निरूशुल्क शिक्षा देकर खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं।
जहां हर विरादरी में अपना दम खम दिखाने की होड़ लगी है तब समाज को दिशा देने बाले विप्र समुदाय ने भी अपना दमखम दिखाने के लिये परशुराम जयंती को भव्यता के साथ मना कर संदेश देने का प्रयास किया कि अब इस समाज की अनदेखी राजनैतिक तौर पर उन दलों को भारी पड़ सकती है जो सेंतमेंत ब्राह्मण वोट लेकर इस समाज को हाशिये पर पटकते रहे हैं। ब्राह्मण समाज के अग्रणी भगवान परशुराम की जयंती अक्षय तृतीया के अवसर पर सोमवार को अपनी उपजातीय संकीर्णताओं से ऊपर उठ कर एकसूत्र में बंध कर विशाल और भव्य शोभा यात्रा नगर में निकाली। नगर के पूर्वी इलाके में स्थित रामकुंड से शोभा यात्रा की शुरूआत भगवान परशुराम की स्तुति और स्वस्तिवाचन से हुई। बैण्डबाजों और डीजे की धुनों के बीच युवा नाचते और नारेबाजी करते हुये चल रहे थे। मंडीगेट, मारकंडेयश्वर तिराहा, एसआरपी इंटर कॉलेज होकर शोभा यात्रा क्रय विक्रय समिति पहुंची जहां समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र तिवारी की अगुवाई में समिति के सदस्यों और कर्मचारियों ने शोभा यात्रा का स्वागत किया एवं लोगों का मुंह मीठा कराया। बस स्टैंड पर सचिन शुक्ला ने शीतल पेय की व्यवस्था की थी। कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज के सामने टोनी मिश्रा, भूपेन्द्र शुक्ला, अजित हिंगवासिया बापू, दीनदयाल नायक, निप्पू बबेले, रवि आदि ने लोगों को जलपान कराया। सागर चैकी, चुदकुआं, स्टेट बैंक, सेंवढा कुआं, तहसील पावर हाउस होती हुई शोभायात्रा बजरिया स्थित ब्राह्मण महासभा परिसर पहुंची जहां महासभा अध्यक्ष देवीदयाल रावत की अध्यक्षता, कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज के मुख्य आतिथ्य, पूर्व राज्यमंत्री हरिओम उपाध्याय, पूर्व ब्लॉक प्रमुख माधौगढ सुदामा दीक्षित तथा सनाढ्य सभा के अध्यक्ष रवीन्द्रबाबू शर्मा के विशिष्ट आतिथ्य में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अतिथियों ने ब्राह्मणों की एकजुटता पर बल देते हुये कहा कि मस्तक पर तिलक, सिर पर शिखा और जनेऊधारी ब्राह्मण ब्रह्मत्व की पहचान है। हमारे लिये अपने बच्चों को संस्कारित शिक्षा दिलाना तथा आज की मांग को देखते हुये पर्याप्त धनार्जन की ओर ध्यान देना होगा और वह स्थिति लानी होगी जब विप्र समाज समूचे समाज को मार्गदर्शन देकर बेहतर समाज का निर्माण कर सके।
वक्ताओं ने भगवान परशुराम के कृतित्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि जमदग्नेय परशुराम ने दुष्टों का नाश करने के लिये शस्त्र उठाया न कि लोगों को आतंकित करने के लिये। उनका कृतित्व हमें इस बात की प्रेरणा देता है कि अत्याचार और अनाचार का डटकर सामना करो और अपना गौरव व मान सम्मान के लिये एकजुट होकर काम करो। संचालन अनुरुद्घ मिश्रा ने किया। ब्राह्मण महासभा के संस्थापक अध्यक्ष सर्वाचरण वाजपेयी, लल्लूराम मिश्रा, ब्रजमोहन तिवारी खैरी, राघवराम शास्त्री, डॉ. विनोद पाठक, ओमप्रकाश कौशिक आदि ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने और युवाओं को व्यसनमुक्त बनने का मशविरा देते हुये कहा कि गायत्री का जाप करना और यज्ञोपवीत धारण करना हर ब्राह्मण का नैतिक कर्तव्य और धर्म है। विद्वत् परिषद् के जिला उपाध्यक्ष ज्वालाप्रसाद दीक्षित ने भगवान परशुराम का अभिषेक और हवन संपन्न कराते हुये सर्वे भवंतु सुखिनः की अवधारणा को पोषित पल्लवित करने की जरूरत बताई। इस दौरान डालचंद बाबूजी, प्रमोद शुक्ला, विनोद दुवे दरोगाजी, विजय रावत, अवधेश दीक्षित, अनिल पटैरया, प्रभू दयाल गौतम, सनाढ्य सभा के मंत्री वीरेन्द्र उपाध्याय, आनंद दुवे, राजेन्द्र भारद्वाज, संजय रावत, रमेश तिवारी, पुरुषोत्तमदास रिछारिया, गोविंद शरण मिश्रा, केशव बबेले, मूलचंद्र निरंजन, सूर्यदीप सोनी, ऋषि झा, अवनीश कौशिक, पारस वर्मा, अतुल चतुर्वेदी, अतुल शर्मा, सुनील शर्मा, श्याम मोहन रिछारिया, मनोज दूरवार, राघवेन्द्र तिवारी, धर्मेन्द्र बबेले, संजीव तिवारी, पप्पू टेंनगुरिया, ऋषभ सीरौठिया, मिरकू महाराज, अवधेश द्विवेदी, अखिलेश बबेले, प्रेमनारायण मिश्रा,अमरेन्द्र दुवे, अभिषेक रिछारिया, विष्णुकांत शास्त्री, दिनेश दुवे, पुरुषोत्तम गौतम, श्रीनारायण दीक्षित, अखिल वैद्य, पवन तिवारी, अरूण दुवे, संजय नगाइच, प्रभांशु नगाइच, अजय तिवारी, श्रीकांत तिवारी, विक्कू शुक्ला, मोंटी उपाध्याय, पवन गौतम, लला दुवे, मृदुल दांतरे, राहुल राठौर, सुमित झा, संतोष कौशल, दिलीप पटेल, दुर्गेश कुशवाहा, ओमप्रकाश उदैनिया, आशुतोष रावत, गोविंद शुक्ला, सौरभ दुवे, रवि गौतम, अरविंद भाटी, राजा तिवारी, सौरभ मिश्रा, अमित उपाध्याय, राजीव पाठक, राहुल तिवारी, हरीशंकर दीक्षित, संतोष त्रिपाठी, देवेन्द्र बबेले, अवधेश दीक्षित प्रधान, आनंद पचैरी सामी, शिवांग दुवे, आनंद शर्मा, असित मिश्रा, अरविंद पाठक, अमित नगाइच, छोटू मिश्रा, उज्चल तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में विप्र बंधुओं के अलावा अन्य समुदायों के लोग भी शामिल रहे।

विप्र समाज के पूर्वजों की झांकियां रहीं मुख्य आकर्षण
19orai14 09orai11 09orai12 19orai13अक्षय तृतीया परशुराम जयंती की शोभायात्रा में विप्र समुदाय के पूर्वजों की झांकियां खास आकर्षण रहीं। भगवान परशुराम के रूप में कुशाग्र रिछारिया, चाणक्य के रूप में कपिल रिछारिया, वामन भगवान के रूप में मृदुल शुक्ला, चंद्रशेखर आजाद के रूप में करुणानिधि शुक्ला, राजाओं के वेश में मनु शुक्ला तथा प्रियम शुक्ला के सजीव प्रतीक देखने लायक रहे। इन्हें सजाने संवारने में जानेमाने रंगकर्मी अतुल शर्मा, अभिषेक रिछारिया पुन्नी तथा सूर्यदीप सोनी ने सहयोग किया। शोभायात्रा मार्ग में झांकियां देखने के लिये भारी भीड़ घरों के दरबाजों पर दिखाई दी।

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