उरई। बालू माफियाओं द्वारा लिफ्टर से गहरे गडढे किये जाने के कारण बेतबा में डूबे नन्हें भाई-बहन में बहन की डैड बाॅडी भी आज बरामद हो गई। एसओ कोटरा एके सिंह ने मगरमच्छ का सीना चीर कर बालिका का शव निकाला। जिले के पुलिस कप्तान से उनका नाम गैलेंट्री मैडल के लिए प्रस्तावित किये जाने की मांग सिकरी व्यास के बाशिंदों ने की है।
ध्यान रहे कि रगेदा निवासी रामकुमार के बच्चे ज्योति और राज अपने मामा के यहां शादी में कोटरा थाने के सिकरी व्यास गांव गये थे। शनिवार को जब वे नदी में नहा रहे थे तभी लिफ्टर से सात-आठ फीट तक गहरी की गई जगह में उनका पांव चला गया। जिससे दोनों की डूबकर मौत हो गई। गांव वालों की सूचना के बाद भी एसओ कोटरा एके सिंह ने तत्काल सिकरी घाट पर पहुंचना गंवारा नही किया। बाद में एसपी को सूचना दी गई तब उनके निर्देश पर वे पहुंचे। उन्होंने बच्चों के शव निकालने की कोशिश करने की बजाए इस बबाल के कारण अवैध खनन करने वाले माफियाओं पर कोई संकट न आ पाये इसे मैनेज करने में पूरी ऊर्जा खर्च की। इस लापरवाही के कारण बच्चे का शव तो किनारे पर होने की वजह से बरामद हो गया लेकिन ज्योति के शव का कोई पता नही चला। बवाल टालने के लिए अगले दिन एसओ ने यह कहानी गढ़ दी कि उसका शव मगरमच्छ खा गया है। जिससे उसे बरामद करना असंभव है। गोताखोरों की सहायता लेने के नाम पर उन्होंने यह कहकर हाथ खड़े कर दिये कि अब उत्तर प्रदेश भर में पुलिस और पीएसी में कोई गोताखोर नही बचा है। उनकी कारगुजारी से नाराज गांव वालों ने आज खुद ही जाल डाला और अंततोगत्वा ज्योति का शव बरामद हो गया है।
उधर दो दिन बंद रहा अवैध खनन सिकरी घाट पर आज फिर शुरू हो गया। इस संवाददाता ने सिकरी घाट पहुंचते-पहुंचते लगभग दो दर्जन ट्रक नदी की ओर जाते गिने। बालू माफियाओं के नुकसान का एसओ को कितना दर्द है जो जाहिर करता है कि उन जैसा संवेदनशील एसओ इस जमाने में मिलना शायद असंभव ही है। बहरहाल डीएम साहिबा भी गौर करें कि पुलिस तो पुलिस एसडीएम से लेकर खनिज विभाग तक अवैध खनन पर कम मेहरबानी नही दिखा रहे जिससे बदनामी उनकी भी हो रही है। इसलिए सख्ती के साथ अवैध खनन बंद कराया जाये और घाट पर पकड़े जाने वाले लिफ्टर, जेसीबी जब्त कराकर नीलाम करा देने में कोई नरमी न बरती जाये।






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