10orai08जालौन-उरई। प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजना कुपोषणता को दूर करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ब्लाॅक क्षेत्र में अब तक 9 बच्चे अति कुपोषित पाए गए। जिन्हें डाॅक्टरों ने परीक्षण के बाद कुपोषण केंद्र, उरई के लिए रेफर किया। जहां उनका निःशुल्क इलाज चल रहा है।
कुपोषणता को दूर भगाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का नियमित वजन के अलावा डाॅक्टरों की टीम द्वारा भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत ब्लाॅक क्षेत्र में संचालित 180 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण डाॅ. रणधीर निरंजन द्वारा किया जा रहा है। डाॅक्टरी परीक्षण के दौरान सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब तक 9 बच्चे ऐसे पाए गए, जो अति कुपोषित हैं। ऐसे बच्चों में ग्राम सुढ़ार सालाबाद की उपासना (3 वर्ष), रोशनी (4), हरेंद्र (2), समीक्षा (1) ग्राम कुसमरा में भोलू (1) ग्राम औरेखी में वैष्णवी (2) काशीपुरा में राधा (2) एवं सूरजपुरा में बेबी (7 माह) को डाॅक्टरी परीक्षण के दौरान अति कुपोषित पाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डाॅक्टर ने उन्हें कुपोषण केंद्र, उरई के लिए रेफर कर दिया। जहां उनका निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। वहीं, बाल विकास परियोजनाधिकारी विमलेश आर्या ने सभी केंद्रों पर बच्चों का नियमित वजन कराए जाने के निर्देश कार्यकत्रियों को दिए।

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