
उरई। जालौन कस्बे में कपड़ा व्यापारी की लूट के दौरान हत्या और पूर्व सैनिक के घर डकैती डालने आये बदमाशों द्वारा उन पर किये गये प्राण घातक हमले के सनसनीखेज मामलों का खुलासा करने का दावा करते हुए आखिर पुलिस ने इस सिलसिले में तीन लोगों को जेल भेज दिया है।
उक्त वारदातों की पृष्ठभूमि में गत् 9 अपै्रल को रात लगभग 8.30 बजे झंडा चैराहे पर जालौन कस्बे के बड़े कपड़ा व्यापारी राजेश अग्रवाल को लूट के प्रयास के दौरान गोली मार दी गई थी। जिनकी बाद में जिला अस्पताल पहुंचाये जाने तक मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर आक्रोशित व्यापारियों ने 10 अपै्रल को बाजार बंद रखकर प्रदर्शन निकाला। इस दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। घटना को लेकर पुलिस सांसत में थी लेकिन पूरी सतर्कता के बावजूद उक्त वारदात का पर्दाफाश होने के पहले बदमाशों ने 29 अप्रैल को फिर एक बड़ी वारदात को जालौन कस्बे में अंजाम दे डाला। इसमें पूर्व सैनिक शम्भू दयाल के घर में दिन दहाड़े बदमाश घुस आये। जब शम्भू दयाल ने उनके आगे चाबी फेंकने की बजाय उनका मुकाबला करने का साहस दिखाया तो उन्होंने उनके सिर पर तमंचे के बटों से ताबड़तोड़ प्रहार किये जिससे शम्भू दयाल सोनी मरणासन्न होकर गिर पड़े। उनको इतनी ज्यादा चोटें लगी कि उपचार के बावजूद चोटों के कारण उन्हें एक आंख गंवानी पड़ी।
इन दोनों घटनाओं के पर्दाफाश के नाम पर पुलिस कोई पक्का सुराग न लगने से अंधेरे में तीर चलाने को मजबूर थी। हालांकि दोनों ही वारदातें जैसा कि पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक ही ग्रुप द्वारा अंजाम दी गई थी। पकड़े गये बदमाशों के नाम पहले दिन से ही चर्चा में थे लेकिन पीड़ित परिवारों तक से किसी की पहचान का सुराग नही दिया जा रहा था और पुलिस अधीक्षक का कहना था कि वे जल्दबाजी में इतनी संगीन वारदातें किसी बेगुनाह पर थोपकर अपना कैरियर चमकाने में विश्वास नही करते।
आखिर पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने नये सिरे से घटना के सभी पहलुओं की अपनी निगरानी में छानबीन शुरू कराई। इसमें जालौन कोतवाली पुलिस के साथ एसटीटी टीम को भी जोड़ा गया। इस छानबीन में हर तरीके से ठोकने बजाने के बाद सचिन श्रीवास्तव पुत्र सुजीत श्रीवास्तव निवासी सरसई, संजीव प्रजापति उर्फ बड़े पुत्र नंदलाल निवासी अमीटा, राघवेंद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह सेंगर पुत्र शिवप्रताप सिंह निवासी गधेला और हिमांशु उर्फ बंटू यादव निवासी मोहल्ला दबगरान कस्बा जालौन के नामों की पुष्टि हुई। इनमें से तीन सचिन, बड़े और सोनू को पुलिस ने दबोच लिया जबकि बंटू अभी तक फरार है। पुलिस अधीक्षक ने आज पत्रकार वार्ता में बताया कि इनके कब्जे से शम्भू दयाल सोनी के घर से लूटी गई चांदी की पायल व मोबाइल बरामद हुए हैं। गौरतलब यह भी है कि शम्भू दयाल सोनी के घर वारदात के दौरान हल्ला-गुल्ला हो जाने से मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में पहुंच गये थे। जिसके कारण आरोपियों को तमंचे, मोटर साइकिल, जूते व अगोंछा छोड़कर भागना पड़ा था। इस आधार पर उनकी पहचान करने में पुलिस को काफी मदद मिली। हालांकि कपड़ा व्यापारी के मामले में वारदात की पुख्ता गवाही देने वाली कोई बरामदगी नही हुई है। गिरफ्तार आरोपियों से बाइक व 315 बोर के दो तमंचे बरामद करने का दावा भी उन्होंने किया। पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि उक्त खुलासे में शामिल रही पुलिस टीमों को डीआईजी झांसी शरद सचान ने 10 हजार रुपये के नगद पारितोषक से नवाजा है।






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