0 मामला नदीगांव क्षेत्र के ग्राम सिकंदरपुर के पास का
0 पुरानी रंजिश में हत्या किये जाने की आशंका
0 आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर
कोंच-उरई। बीती देर रात सर्किल के नदीगांव थाना इलाके में अट्ठाइस वर्षीय युवक की निर्मम हत्या कर दिये जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। हत्यारों ने बहुत ही बुरी तरह युवक को गोलियों से छलनी किया है। उक्त घटना नदीगांव से कोंच आने बाले रास्ते पर ग्राम सिकंदरपुर के पास की है। आशंका जताई जा रही है कि हत्या किसी रंजिश की परिणति हो सकती है। बताया गया है कि मृतक के शरीर में सिर, हाथों, पेट आदि स्थानों में कम से कम आधा दर्जन गोलियां पैबस्त थीं। मृतक बिना नंबर की बजाज प्लेटिना गाड़ी पर सवार था जो मौका-ए-वारदात पर पड़ी मिली। एसओ नदीगांव के कल छुट्टी पर होने के कारण कोतवाल कोंच मनवीर सिंह रात ढाई बजे ही घटनास्थल पर पहुंच गये थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिये भेजा है। पार्टी बंदी के नजरिये से बताया गया है कि मृतक नगर पंचायत अध्यक्ष गुट से बाबस्ता था। मृतक के पिता ने नगर पंचायत अध्यक्ष के विरोधी डिंपल गुट के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।
मिली जानकारी के मुताबिक बीती देर रात लगभग एक बजे सर्किल के नदीगांव थाना क्षेत्र में नदीगांव-कोंच रोड पर ग्राम सिकंदरपुर के पास एक अट्ठाइस वर्षीय युवक की रक्तरंजित लाश सड़क किनारे पड़ी देखी गई। पुलिस को जब सूचना मिली तो एसओ नदीगांव के छुट्टी पर होने के कारण कोतवाल कोंच मनवीर सिंह को लगाया गया, रात लगभग ढाई बजे वह मौके पर पहुंचे, नदीगांव पुलिस भी वहां आ गई थी। मृतक के पूरे जिस्म में गोलियां धंसी थीं जिससे अनुमान लगाना कठिन नहीं है कि उसे गोलियों से बुरी तरह भूना गया था। शव के इर्द गिर्द खून छितरा पड़ा था और उसकी बिना नंबर की बाईक भी वहीं पड़ी थी। हालांकि रात में मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी थी लेकिन बाद में बताया गया कि मृतक का नाम पुष्पेन्द्र उर्फ शीलू ठाकुर (28) पुत्र उदयवीर सिंह निवासी नदीगांव है। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भर कर पोस्टमॉर्टम के लिये भेजा है। मृतक के परिजनों ने आज शाम थाना पुलिस को तहरीर दे दी है। एसओ मिथलेश ने बताया है कि मृतक के पिता ने तहरीर देकर कहा है कि वह कल रात अपने बेटे पुष्पेन्द्र के साथ बाईक पर जा रहा था तभी ग्राम सिकंदरपुर के पास अभिमन्युसिंह उर्फ डिंपल, सोनू, अर्जुनसिंह, परमान सिंह, जहानसिंह, बलरामसिंह ने वहां आकर रास्ता रोक लिया और धमकाते हुये पहले बंदूकों की बटों से पुष्पेन्द्र को पीटा फिर सभी ने मिल कर उसे गोलियों से छलनी कर दिया।







Leave a Reply