11orai08कोंच-उरई। नगर के जानेमाने समाजसेवी सेठ संजय जयपुर बाले द्वारा यहां काली मंदिर धनुताल पर श्रीमद्भागवत कथा का संयोजन किया गया है। कथा प्रारंभ से पूर्व बुधवार को नगर भर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गांधीनगर स्थित भगवान अवधविहारी लाल जी महाराज विराजमान मंदिर के सानिध्य में आवश्यक अनुष्ठान संपन्न कराने के बाद बैंडबाजों के साथ आज कलशयात्रा निकाली गई जो चंदकुआं, स्टेट बैंक, लवली चैराहा, नईबस्ती, रामगंज बाजार, चैकी तिराहा होकर कथा स्थल काली मंदिर पहुंची। यात्रा मार्ग में जगह जगह पुष्पबर्षा भी लोगों ने की। कथा परीक्षित श्रीमती सुनीतादेवी व उनके पति सेठ संजय यात्रा में साथ रहे।
श्रीमद्भागवत कथा के लिये आज प्रातरू श्री अवधविहारी लाल जी मंदिर से कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ प्रारंभ हुई, सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. लवेशकृष्ण महाराज अश्व जुती बग्घी में शोभायमान रहे। अपरान्ह तीन बजे से प्रारंभ हुई प्रथम दिवस की कथा में कथा व्यास ने श्रीमद्भागवत महापुराण का महात्म्य बताया और कलियुग में इसे परमात्म प्राप्ति का सबसे सुगम मार्ग निरूपित करते हुये कहा कि यदि भागवत का एक एक शब्द स्वयं परमात्मा है जो प्राणीमात्र के कानों में पड़ते ही उसके कई जन्मों के पापों को नष्ट कर देता है तथा वह सद्गति को प्राप्त होता है। इस दौरान पं. नवनीत मिश्र शास्त्री, शालिगराम सौनकिया, अरविंद पटैरया, मंगलानंदन महाराज, अशोक राठौर, राजू, मनोज, कन्हैयालाल राठौर, हरिकिसुन राठौर, महेन्द्र राठौर, वीरेन्द्र राठौर, धर्मेन्द्र राठौर, सत्यप्रकाश, रत्नेश, गोविंदसिंह, रामकुमार, सौरभ, अंशुल, रामकिशोर खरे, रवि, पर्वतसिंह, रामसिंह राठौर, दुर्गाप्रसाद राठौर, घनश्याम राठौर, जगराम अंडा, ब्रजेश, कल्ले मास्टर, मनोज जिल्दसाज, पप्पू राठौर आदि मौजूद रहे।

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