cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। जिलाधिकारी संदीप कौर ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर पेयजल संबंधी समीक्षा की। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों से कहा कि जिले में हैंडपंप रीबोर करने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसको 31 मई तक हरहाल में पूरा कर लें। जो हैंडपंप नये स्थापित किये जाने हैं उनकी रफ्तार भी सुस्त है इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अगर ठेकेदारों की कमी है तो बाहर से ठेकेदार बुलाकर काम करवायें। लापरवाही उजागर हुई तो अवर अभियंताओं पर कठोर कार्रवाई की जायेगी। लापरवाही करने वाले चार जेई का डीएम ने वेतन रोक दिया।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में हैंडपंप रीबोर कराने का लक्ष्य 1200 निर्धारित किया गया है लेकिन अब तक बहुत कम संख्या में हैंडपंप रिबोर हो पाये हैं। जल निगम की इस तरह की सुस्ती को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। नये हैंडपंपों की स्थापना में भी ढिलाई की जा रही है। इस तरह की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि सांसद विधायक कोटे से रीबोर होने वाले हैंडपंपों की सूची को जल निगम अलग रखे। 1200 के लक्ष्य में उनको न जोड़ा जाये। अगर सत्यापन में इस तरह की गड़बड़ी उजागर हुई तो अवर अभियंताओं पर कार्रवाई तय है। अधिशाषी अभियंता और सहायक अभियंता भी नहीं बख्शे जायेंगे। समीक्षा में ढिलाई उजागर होने पर डीएम ने चार अवर अभियंताओं का वेतन रोक दिया। उन्होंने कहा कि जहां भी पानी की समस्या का समाचार मिले तो तुरंत मौके पर जाकर समस्या का निस्तारण करें। अवर अभियंता जिस क्षेत्र का भ्रमण करेंगे उसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट उनको दी जाये। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह, अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार, जिला विकास अधिकारी आरएस गौतम उपस्थित रहे।

Leave a Reply