konch7कोंच-उरई। भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) द्वारा आयोजित 16वीं ग्रीष्मकालीन निःशुल्क बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला में नन्हें नन्हें रंगकर्मी अभिनय की विभिन्न बिधाओं की बारीकियां बहुत ही उत्सुकता से सीख रहे हैं। इप्टा अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने बताया है कि रंगकर्मियों में लगन और सीखने की हूक साफ दिखाई दे रही है और उन्हें उम्मीद है कि आगे चल कर यह बाल कलाकार अपनी अलग पहचान बनाने में जरूर कामयाब होंगे।
उन्होंने कहा कि बच्चों में सांस्कृतिक अभिरुचियों के परिष्कार हेतु सोलहवीं निःशुल्क नाट्य कार्यशाला आयोजित की जा रही है जिसमें 10 से 25 आयु वर्ग के डेढ सौ बच्चे, किशोर एवं युवा भाग ले रहे हैं। पारसमणि अग्रवाल, राशिद अली, भास्कर गुप्ता, संगीत प्रशिक्षक तलत खान, मेंहदी प्रशिक्षिका शिवांगी चतुर्वेदी, मंजरी मिश्रा, रामकिशोर कुशवाहा, नमन चतुर्वेदी, नमन तिवारी, अमन कौशिक, ट्ंिकल राठौर, प्रतीक द्विवेदी आदि प्रशिक्षण देने में लगे हैं। कार्यशाला का प्रारम्भ रंगकर्मियों द्वारा प्रस्तुत इप्टा गीत बजा नगाड़ा शांति का, शांति का, शांति का.. तथा समापन जनगीत आजादी ही आजादी.. से हुआ। उद्घाटन सत्रोपरांत प्रतिभागियों का आपसी परिचय कराया गया तथा निर्देशक मण्डल द्वारा उनकी रुचि के अनुसार गायन, अभिनय, वादन, नृत्य व काव्य पाठ कराया गया।

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