13orai02उरई। जिलाधिकारी संदीप कौर ने सूखे को देखते हुए तालाब और पेयजल संसाधनों के कुशल प्रबंधन पर जोर देने की घोषणा की। शुक्रवार को उनकी पहली पत्रकार वार्ता में प्रशासन के दावे पर सवालों की झड़ी लग गई। जिस पर डीएम ने खासतौर से खण्ड विकास अधिकारियों को जमकर डांट पिलाई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के 1603 तालाबों में से 750 भरे जा चुके हैं। अवशेष तालाब भी जल्द ही नहर के जरिये भर दिये जायेंगे। 100 तालाब ऐसे हैं जो नहर के कमाण्ड एरिया से दूर हैं। इन्हें निजी या सरकारी नलकूंपों से भरे जाने की व्यवस्था की जा रही है। 15 मई तक सभी तालाब भरे जाने का आश्वासन उन्होंने दिया। हालांकि पत्रकारों ने प्रतिवाद करते हुए उनके सामने ही कहा कि कागजी रिपोर्ट भले ही कुछ हो लेकिन जिले में सारे तालाब खाली पड़े हैं। डकोर ब्लाॅक के सांसद के गोद लिये हरदोई गूजर गांव के खाली तालाब इसकी बानगी कही जा सकती है। जिलाधिकारी ने इस पर डकोर के बीडीओ प्रमोद चंद्रोल को जबाव देने के लिए कहा। जिस पर चंद्रोल की बोलती बंद हो गई। इसी क्रम में डीएम ने बताया कि 400 रीबोर के लिए चिन्हित हैंडपंपों में से 200 रीबोर हो चुके हैं अन्य हैंडपंप भी 31 मई के पहले तक रीबोर करा दिये जायेंगे और उनकी सूची पत्रकारों को भी उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने बताया कि 800 नये प्रस्तावित हैंडपंपों में से 24 अभी तक लग चुके हैं। 30 जून तक सभी नये हैंडपंप स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि विधायक निधि से 100-100 हैंडपंप लगाने के प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनके लिए संस्तुत किये गये स्थलों का मानक के अनुरूप सत्यापन कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कुओं के जीर्णोद्धार के लिए भी तेजी से काम कराया जा रहा है। 300 कुओं का जीर्णोद्धार अभी तक हो चुका है। पत्रकारों ने इस दावे पर भी सवाल किया कि डकोर ब्लाॅक में एक-आध जगह का नाम हमारे सामने खुलासा करें। डीएम ने फिर चंद्रोल से पत्रकारों की ओर मुखातिब होने को कहा लेकिन इस मोर्चे पर भी चंद्रोल को हथियार डालते ही बना।
डीएम ने बताया कि सभी प्रधानों से कह दिया गया है कि वे हैंडपंप की छोटी-मोटी कमी ठीक कराने के लिए पांच से सात हजार रुपये खर्च वे ग्राम निधि से खर्च कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 24 मई से जिला मुख्यालय से तहसीलों तक एक साथ अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जायेगा। नजूल की जमीन से अतिक्रमण हटाकर उसे फ्रीहोल्ड किया जायेगा। बरसात के पहले मलंगा नाले की व्यापक सफाई होगी। संदीप कौर ने बताया कि तालाब भरने, कुओं के जीर्णोद्धार और हैंडपंपों के लिए स्थल मानक के अनुरूप हैं या नही इसके सत्यापन हेतु किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की जा रही है। पत्रकार वार्ता में अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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