उरई। जाटव समाज विकास महासभा द्वारा ग्राम धंतौली में डाॅ. अंबेडकर पार्क में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध जयंती का आयोजन किया गया। सबसे प्रथम महासभा अध्यक्ष रामशरण जाटव द्वारा पीपल (बुद्ध वृक्ष) रोपित कर बुद्ध वंदना के पश्चात कार्यक्रम की शुरूआत की गई। सभा अध्यक्ष रामशरण जाटव ने बताया कि तथागत् गौतम बुद्ध का जन्म आज से लगभग 2550 वर्ष पहले एक राज परिवार में ऐसे समय हुआ था जहां अपने देश में जाति भेद, हिंसा तथा द्वेष का बोल वाला था। राजघराने में पैदा होने के बावजूद गौतम बुद्ध ने समस्त राजशाही सुखों को त्याग कर मानवतावादी विचार धारा का ज्ञान मार्ग प्रशस्त किया। संचालन करते हुए महामंत्री लक्ष्मीनारायण जाटव ने कहा कि महासभा हमेशा महापुरुषों, धर्मगुरुओं में आस्था रखते हुए तथागत् गौतम बुद्ध के बताये हुए रास्ते में चलने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। सुंदरलाल संयोजक वामसेफ हमीरपुर, डाॅ देवेंद्र कुमार वामसेफ संयोजक जालौन ने संयुक्त रूप से कहा कि भगवान बुद्ध ने राजशाही ठाट-बाट का परित्याग किया। विचारशील गौतम बुद्ध सदैव सांसारिक मानव पीड़ा से दुखी व्यक्ति के कष्ट के निवारण की ओर सोचते रहते थे। नगर अध्यक्ष मनमोहन सिंह व मनोज चैधरी ने तथागत् को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए अपने जीवन में उनके सिद्धांतों को अपनाने पर बल दिया। कु. अंजू चैधरी ने भी विचार व्यक्त करते हुए भगवान बुद्ध के प्रज्ञाशील समाधि के सिद्धांत पर चलने का व्रत लिया।
कार्यक्रम संरक्षक मोहन मौर्या, वीरेंद्र सिंह मास्टर, रिटायर्ड रेलवे अधीक्षक तुलसीराम बाबूजी, कार्यक्रम व्यवस्थापक ओमप्रकाश चैटाला, कार्यक्रम संयोजक कैलाश उर्फ बद्री प्रसाद, अजीत जाटव, देवकीनंदन जाटव, रामगोपाल जाटव, पंकज जाटव, कमल सिंह ने भी भगवान बुद्ध के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके सिद्धांतों पर चलने का व्रत लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में 6 वर्षीय रीतेष, 4 वर्षीय वर्षा ने भगवान बुद्ध के गीत प्रस्तुत किये। उक्त अवसर पर मीडिया प्रभारी राजेश जाटव भी रहे।







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