cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। केंद्र की मोदी सरकार दो वर्ष पहले भले ही सबका साथ, सबका विकास का नारा लगाकर सत्ता में आई हो लेकिन उसका सपना दलितों का नाश और सबका विकास की व्यवस्था कायम करने जैसा नजर आता है। यह आकलन है एससी, एसटी बेसिक टीचर्स बेलफेयर एसोसिएशन का। एसोसिएशन ने 26 मई को मोदी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर उत्पीड़न विरोधी दिवस मनाकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व राज्यपाल के लिए पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था का विधेयक पारित कराने का मांग पत्र भेजने का ऐलान किया है।
एससी, एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह शास्त्री की अध्यक्षता में उनके आवास पर बैठक हुई। इसमें ग्रीष्म कालीन अवकाश में शिक्षकों को मिडडे मील बनवाने के लिए जोते जाने पर भारी विरोध जताया गया। जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह शास्त्री ने कहा कि सर्वाधिक आपत्तिजनक यह है कि बुद्ध पूर्णिमा के सार्वजनिक अवकाश पर भी शिक्षकों को मिडडे मील बनवाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र की सरकार सबका विकास चाहती तो पदोन्नति में दलितों के आरक्षण को बहाल रखने के लिए अभी तक उसने संसद में विधेयक पारित करा दिया होता। लेकिन मोदी सरकार के खाने के दांत और है और दिखाने के दांत और अपनी औकात दिखाते हुए इस मामले में उसने उदासीनता ओढ़ रखी है। बैठक में अखिलेश श्रीवास, केके शिरोमणि, देवेंद्र सिंह, रामकुमार, सलिलकांत श्रीवास, उमाशंकर भास्कर, रमाकांत शाक्यवार, अशोक कुमार, वीरेंद्र दोहरे, रविंद्र कुमार, एसपी गौतम, ओम प्रकाश गौतम, वीरेंद्र त्यागी, घनश्याम दास शाक्यवार, विनोद सिंह, सुनील कुमार आदि उपस्थित थे।

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