26orai01उरई। प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने पुलिस को महिलाओं के प्रति अपराध के मामलों में शासन के जीरो टोलरेन्स रुख के अनुरूप कार्य करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उत्पीड़ित महिला की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से लिखी जाये और ऐसे मामलों में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की जाये। इसमें किसी तरह की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
प्रमुख सचिव गृह ने राज्य के डीजीपी जावीद अहमद व अन्य अफसरों के साथ यहां विकास भवन में गुरुवार को दोपहर झांसी रेंज के तीनों जिलों झांसी, ललितपुर और जालौन के जिलाधिकारियों व पुलिस प्रमुखों और अन्य पुलिस अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था दलजीत चैधरी, आईजी कानपुर जोन जकी अहमद, कमिश्नर झांसी के राममोहन राव, डीआईजी झांसी शरद सचान भी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि पुलिस में मानव बल व अवस्थापना सुविधाओं का भारी अभाव था जिससे उसकी कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही थी। हाल में 35 हजार सिपाहियों की भर्ती व पदोन्नति के अवरोध दूर करके काफी हद तक मानव बल की पूर्ति कर दी गयी है। नये भवनों का निर्माण व वाहनों की व्यवस्था व्यापक पैमाने पर की गयी है।
डीजीपी जावीद अहमद ने फैजाबाद में साम्प्रदायिक वैमनस्य भड़काने पर केन्द्रित बजरंग दल के शस्त्र प्रशिक्षण शिविर को लेकर की गई कार्रवाई को उचित ठहराया और कहा कि माहौल बिगाडने वाले किसी भी संगठन और व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने पुलिस पर हमलों की बढ़ती वारदातों को खतरनाक ट्रेंड करार दिया। कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि समाज भी इस मामले में पुलिस को समर्थन देने के लिये आगे आये ताकि सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था से किसी तरह का खिलवाड़ न हो सके। प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने समीक्षा बैठक के बाद सम्भ्रान्त नागरिकों से भी बैठक की। इस दौरान पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी, बसपा के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र शिरोमणि, सपा नेता प्रलुव्य निरंजन, सिद्धार्थ यादव, कांग्रेस नेत्री शशि चैहान, सपा के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रान्तीय नेता जयदेव यादव आदि मौजूद रहे।

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