26orai04उरई। नया पटेल नगर में मोहल्ला बघौरा बाईपास के पास पिछले तीन दिन से मोहल्ले के बाशिंदें बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। तीन दिन से मोहल्ले में लाइट नदारत है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। फिर भी अधिकारियों को अभी तक उनकी सुध लेने की फुर्सत नही मिल पाई है।
शहर में बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। खराबी होने पर कई दिनों तक विभाग के अधिकारी लोगों की सुध नही लेते। इंजीनियरों के पास सीयूजी नंबर हैं लेकिन पब्लिक का फोन अटेंड करना उन्हें गंवारा नही है। कई बार उच्चाधिकारियों ने इस रवैये के लिए उन्हें लताड़ा पर इंजीनियर सुधरने को तैयार नही हुए। सूखे के समय लोगों की तकलीफें देखकर पत्थरों के देवता तक पसीज उठे है लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों में दया और संवेदना नाम की जैसे कोई चीज नही है। बिजली की वजह से मोहल्ले में पानी की आपूर्ति भी ठप्प हो गई है। हैंडपंपों पर पानी भरने वालों का मेला सा लगा है। पूरा दिन और सारी ऊर्जा पानी भरने में लोगों की खर्च हो जाती है। फिर भी सुकून भर पानी नही मिलता। दूसरी ओर जिला प्रशासन के अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे हैं। आज लोगों एक महिला का धैर्य इस पर जबाव दे गया। उसने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी की समीक्षा बैठक के बाहर अधिकारियों को झकझोरने के लिए वह तांडव किया कि उन्हें नानी याद आ गई। पुलिस वालों ने किसी तरह उसे बहलाकर बैठक के भीतर जाने से रोका लेकिन यह एक बानगी है कि बुनियादी समस्याओं तक के निदान में रुचि न लेने से लोगों का गुस्सा कितना विस्फोटक होता जा रहा है अगर अधिकारी नही संभले तो किसी दिन कानून व्यवस्था का कोई बड़ा खतरा खड़ा हो जाये तो आश्चर्य न होगा।

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