माधौगढ़-उरई। प्राथमिक विद्यालय जमालपुरा में तैनात शिक्षक अखिलेश कुमार साहब की गाड़ी की ड्राइवरी करके बच्चों के प्रति अपने कर्तव्य से मुंह मोड़ रहा है जिससे गलत परंपरा का निर्माण होने के चलते ग्रामीण अभिभावकों में रोष का ज्वार मचलने लगा है।
माधौगढ़ विकास खंड में खंड शिक्षाधिकारी की गाड़ी चलाने का काम ड्राइवर की बजाय शिक्षक के द्वारा किया जा रहा है। शिक्षक का अपने साहब के प्रति यह भक्ति भाव बेशक सराहनीय है लेकिन इससे गुरू के पद की गरिमा कलंकित हो रही है। दूसरी ओर शिक्षक बच्चों का भविष्य संवारने जैसे अपने मूल कर्तव्य के साथ विश्वासघात का दोषी बन रहा है। अगर शिक्षक को पढ़ाने से ज्यादा ड्राइवरी में रुचि है तो अभिभावकों की मांग है कि उन्हें उनकी इच्छापूर्ति करते हुए ड्राइवर कैडर में शामिल कर दिया जाये और उनकी इस काम में लगन को देखते हुए खंड शिक्षाधिकारी की बजाय जिला बेसिक शिक्षाधिकारी की जीप चलाने का अवसर देकर उनके साथ न्याय किया जाये।







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