27orai06उरई। आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक संघ ने साक्षरता अभियान के लिए प्रेरकों को दो हजार रुपये महीने का मानदेय पूरी तरह नाकाफी करार दिया है। उन्होंने कहा कि इतना कम मानदेय कानून और नैतिकता का मजाक है। प्रेरकों का मानदेय कम से कम 15 हजार रुपये प्रति माह किया जाय।
लोक शिक्षा प्रेरकों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को कलैक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सभा कर अपनी मांगे सार्वजनिक करने के बाद जिलाधिकारी के लिए लिखा गया ज्ञापन अतिरिक्त एसडीएम शीतला प्रसाद को सौंपा। संघ के नेता सत्येंद्र कुमार ने लोक शिक्षकों को बेहतर शिक्षण कार्य के प्रदर्शन के लिए पत्राचार के माध्यम् से कोर्स कराने का भी सुझाव सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि प्रेरकों का प्रतिवर्ष नवीनीकरण कराने की व्यवस्था अन्य मानदेय कार्मिकों की तरह की जाय। साथ ही गांव में संचालित दूसरी सरकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन की डयूटी भी उन्हें दी जाये। पूरन कुशवाहा, वीरपाल, कल्पना, अंशू, कृपाल आदि प्रदर्शन में शामिल थे।

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