उरई। तंबाखू निषेध दिवस पर खैनी गुटखा के शौकीन लोगों के बीच गांव-गलियों में जाकर गोष्ठियां करने की बजाय कलैक्ट्रेट के वातानुकूलित सभाकक्ष में डाॅक्टरों और समाजसेवियों ने एक-दूसरे के लिए प्रवचन किये।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आशाराम ने कहा कि तंबाखू से होने वाली खतरनाक बीमारियों के कारण देश में प्रति वर्ष 10 लाख लोग बेमौत मारे जाते हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. सत्यप्रकाश ने भी रटे-रटाये आकड़ों की झड़ी लगाकर अपनी बौद्धिकता की धाक जमाने के लिए गोष्ठी का सदुपयोग किया। रामशरण जाटव, जीवन राम गुप्ता, डाॅ. एमपी सिंह ने भी तंबाखू के सेवन के खतरों की भयावह झांकी उकेरने में पूरी दम लगा दी। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्साधीक्षक डाॅ. वीवी आर्या, जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी विचार व्यक्त किये।







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