cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। केंद्र और राज्य सरकार सूखे से त्रस्त बुंदेलखंड के लोगों को सहायता देने का चाहे जितना ढिढ़ोरा पीट रहे हों लेकिन लोग इससे कतई इत्तेफाक नही रखते।
जन चेतना मंच ने डीएम को सौपें ज्ञापन में अपने अंदाज में शासन प्रशासन के झूठे दांवों की बखियां उधेड़ डालीं। जन चेतना मंच के संयोजक गिरेंद्र सिंह कुशवाह ने कहा कि इस विपत्ति काल में भी जाॅब कार्ड धारकों को गांव में काम मुहैया नही है। मनरेगा मजदूरों के लिए डेढ़ सौ दिन के काम की गारंटी पर अमल होना चाहिए लेकिन यह गारंटी केवल सजावट की विषय वस्तु बनी हुई है जो पीड़ा दायक विडंबना है। उन्होंने समाजवादी पेंशन योजना में पात्र गरीबों को उपेक्षित किये जाने का भी आरोप लगाया। गिरेंद्र सिंह ने कहा कि दैवीय आपदा व सूखा अनुदान की चैक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
गिरेंद्र सिंह ने कहा कि भीषण सूखा होने से जालौन जिले की 90 प्रतिशत आबादी को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने बिजली विभाग द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न की भी निंदा की। कहा कि मनमाने बिल देकर उपभोक्ताओं को संशोधन के नाम पर ठगा जा रहा है। गिरेंद्र सिंह के साथ कंबोद सिंह राणा, रौली भदौरिया, प्रभु दयाल पाल, रामकिशोर, खलील आदि भी थे।

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