cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। सुशील नगर में समाज सेवियों की बैठक अंशुमन सिंह सेंगर के आवास पर आयोजित हुई जिसमें अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने में चुनिंदा नजरिया अपनाकर गरीबों को साॅफ्ट टाॅरगेट बनाने की निंदा की गई।
अंशुमन सिंह सेंगर ने कहा कि राजमार्ग पर पक्का निर्माण किये हुए सफेद पोशों के अतिक्रमण को नजर अंदाज किया जा रहा है। सारी तीरंदाजी फुटपाथी दुकानदारों पर आजमाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश है कि रेहड़ी एवं सब्जी वेंडर व फुटपाथ पर अस्थाई दुकान रखकर धंधा करने वाले अतिक्रमणकारी न माने जायें। इन्हें रोजीरोटी चलाने के लिए रियायत दी जानी चाहिए। लेकिन प्रशासन का जोर असली अतिक्रमणकारियों पर चल नही सकता। नतीजतन वे अपना पराक्रम इन्हीं गरीबों पर दिखा रहे हैं। अंशुमन सिंह सेंगर ने कहा कि सच्चाई यह है कि फुटपाथ पर नगर पालिका की आड़ी-तिरछी होर्डिंगें और बिजली विभाग के बेतरतीब लगे पोल अतिक्रमण के सबसे बड़े नमूने हैं। उधर परिवहन विभाग ने टैक्सी, टैंपो के अंधाधुंध परमिट जारी करके नये किस्म के अतिक्रमण का सूत्रपात कर दिया है। लेकिन जिले के उच्चाधिकारियों को भी वास्तविक रूप से समस्या बने हुए इस तरह के अतिक्रमणों को संज्ञान में लेना नही आ रहा।
बैठक में युवा समाजसेवी कल्लन खां ने कहा कि सूखा ग्रस्त जालौन जिले में बेरोजगारी चरम सीमा पर है। पलायन रिकार्ड तोड़ रहा है। ऐसे में फुटपाथी दुकानदारों को काम न करने देने से और ज्यादा लोग जिले से सुदूर महानगरों में विस्थापित होंगे। युवा समाज सेवी पंकज सहाय ने भी अतिक्रमण अभियान की आड़ में गरीबों की रोजीरोटी छीनने को निंदनीय बताया। पुष्पेंद्र सिंह गुर्जर, नीरज दोहरे, हर्षदीप चैधरी, भग्गू लाल बाल्मीकि, शहजाद खां आदि लोग मौजूद रहे।

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