उरई। नेत्रहीन बच्चों की पढ़ाई के लिए संचालित आवासीय स्कूल की व्यवस्थायें लड़खड़ा गई हैं। गुरुवार को विद्यालय के प्रधानाचार्य तेजपाल और सहायक अध्यापक दीपक कुमार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर उनसे विद्यालय को अपने संरक्षण में अधिग्रहीत कर व्यवस्थायें सुचारू करने की मांग की।
नेत्रहीन बच्चों के लिए शांति नगर में काफी समय से शिव अंखण्ड ज्योति विद्यालय संचालित हो रहा था। विद्यालय का विकास होने पर गत् वर्ष यह विद्यालय निहित स्वार्थों की गिद्ध दृष्टि में आ गया। इसके बाद विद्यालय को लेकर शुरू हुई राजनीति और तत्कालीन जिला प्रशासन के हस्तक्षेप की वजह से इसकी प्रबंधन समिति ने उदासीनता ओढ़ ली।
प्रधानाचार्य तेजपाल ने बताया कि विद्यालय का कोई धनीधौरी न रह जाने से इसकी जर्जर इमारत खतरे को आमंत्रण दे रही है। पूर्व मुख्य विकास अधिकारी शंभू दयाल के कार्यकाल में विद्यालय की नई इमारत का निर्माण शुरू कराया गया था जो कि पूरा होने के पहले ही किसी कारण से अधर में लटक गया। उन्होंने बताया कि पुरानी कमेटी के रुचि न लेने पर बलबीर सिंह गौड़, केके प्रजापति, राहुल सोनी, रमेश उदैनिया, प्रसून गुप्ता, एसके गुप्ता को जोड़कर नई कमेटी बनाई गई है लेकिन यह कमेटी बिल्डिंग निर्माण के कार्य को कराने में सक्षम नही है। ऐसे में विद्यालय को बचाने के लिए डीएम साहिबा खुद इसकी अध्यक्षता संभालकर आवश्यक कार्रवाई करें तांकि नेत्रहीन बच्चों का भला हो सके।







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