0 आखिर कब जुड़ेगा आधा कोंच स्थानीय 132 केवीए विद्युत उपकेन्द्र से
0 ब्रेक डाउन की समस्या अभी भी बनी है कोंच का मुकद्दर
कोंच-उरई। यूपी सरकार भले ही विकास के कितने भी वायदे करे और बुंदेलखंड को चैबीसों घंटे बिजली देने के दावे करती रहे लेकिन हकीकत यह है कि गर्मी में हर साल की तरह इस दफा भी बिजली लोगों को रुला रही है। इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर आठ से दस घंटे की बिजली काट कर अपना सीना ठोंकने बाली सरकार आखिर कब तक जनता को इस तरह से उल्लू बनाती रहेगी। बिजली कटौती के इस संकट को लेकर इलाकाई बाशिंदों में जबर्दस्त गुस्सा है जो कभी भी सड़कों पर आकर फूट सकता है। इतना ही नहीं, आधी कोंच अभी भी उरई 132 केवीए से जुड़ा होने के कारण ब्रेक डाउन जैसी भयानक समस्या अभी भी आधी कोंच का मुकद्दर बनी है।
कोंच में 132 केवीए के बिजलीघर का निर्माण होने के बाद यहां के लोगों को उम्मीद बंधी थी कि बिजली के मामले में अब दिन बहुरने वाले हैं लेकिन इस नये ट्रांसमिशन पावर हाउस में रखा 20 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर शुरू होने से पहले ही धड़ाम हो जाने के कारण केवल आधा कोंच ही इससे जुड़ सका है जबकि आधे कोंच की उरई से सप्लाई होने के कारण रोज ही आंधी पानी में ब्रेक डाउन के दौर से गुजरना पड़ रहा है। हालांकि इस संबंध में एक्सईएन ट्रांसमिशन से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि 132 केवीए बिजलीघर में रखा एक 20 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर खराब है और नये ट्रांसफॉर्मर के लिये ऊपर डिमांड भेजी जा चुकी है। उन्होंने जल्दी ही नया ट्रांसफॉर्मर आने की उम्मीद तो जताई है, लेकिन लगभग एक माह से भी ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी यह उम्मीद धरातल पर पांव नहीं जमा सकी है। इधर, इमरजेंसी कटौती भी किसी जिन्न की तरह यहां के लोगों को हलकान कर रही है। दिन में नियमित कटौती से जब विभाग का पेट नहीं भरता है तो रात में इमरजेंसी कटौती का फरमान आ जाता है और ऐसी भीषण उमस भरी जानलेबा गर्मी में नागरिकों को रात भर जाग कर गुजारने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर नागरिकों में जबर्दस्त गुस्सा है जो कभी भी सड़कों पर आकर फूट सकता है। सूखे, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि तथा अन्य दैवीय आपदाओं को विगत कई सालों से झेलते आ रहे बुंदेलखंड को यूपी की सपा सरकार ने चैबीसों घंटे लाइट देने की घोषणा न सिर्फ हवा हवाई निकली बल्कि ऐसा लगा जैसे नागरिकों को ठगने का प्रयास किया गया हो। पहले कोंच में सोलह घंटे की लाइट मिलने की स्थिति में लोकल फॉल्ट आदि का समय अगर निकाल दिया जाये तो बारह चैदह घंटे सप्लाई मिल जाया करती थी, लेकिन अब आलम यह है कि चार से छह घंटे की रात्रिकालीन इमरजेंसी रोस्टिंग और दिन में नियमित कटौती के बाद बमुश्किल सात आठ घंटे की टुकड़ैल लाइट मिल पा रही है। इन विकराल समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के भी संज्ञान में बात डाली गई है कि इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर नागरिकों का इम्तिहान न लिया जाये और इसे बंद कराया जाये।
क्या कहते हैं जिम्मेदार…
हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई मियांद निकल चुकी है लेकिन नये 132 केवीए विद्युत उपकेन्द्र पर खराब ट्रांसफॉर्मर बदले जाने के बाबत एक्सईएन ट्रांसमिशन रामकृष्ण से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि 132 केवीए बिजलीघर में 20 एमवीए का खराब ट्रांसफॉर्मर बदले जाने के लिये उन्होंने डिमांड भेज दी थी जिसमें टेंडर हो चुके हैं और एकाध हफ्ते में कोंच पहुंच जाने की उम्मीद है।
फोटो-एक्सईएन ट्रांसमिशन रामकृष्ण
इमरजेंसी कटौती के नाम पर डीएम ने फटकारा
जनपद में लगातार कट रही बिजली समस्या को लेकर डीएम संदीप कौर ने आज बिजली विभाग को जम कर फटकारा, उन्होंने कहा कि इमरजेंसी कटौती के नाम पर अधिकारी जनता को परेशान न करें और रमजान से पहले हर हाल में पटरी पर लायें बिजली व्यवस्था वरना कड़ी कार्यवाही होगी। हास्यास्पद यह भी है कि विभाग के अधिकारी ही रोस्टिंग टाइम के बाबत नहीं बता सके।
फोटो-डीएम संदीप कौर







Leave a Reply