उरई। नगर निकायों के अध्यक्षों व अधिशाषी अधिकारियों की बैठक में पिछले दो दिनों से हो रही अंधाधंुध विद्युत कटौती का मुददा जोरों से गूंजा। जिलाधिकारी संदीप कौर ने बिजली विभाग को व्यवस्था दुरुस्त न कर पाने को लेकर जमकर लताड़ लगाई।
कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरुवार को हुई बैठक के दौरान विद्युत अव्यवस्था को लेकर मीडिया का गुस्सा फूट पड़ा। बैठक का एजेंडा पटरी से उतर गया और सारी चर्चा विद्युत कटौती पर केंद्रित हो गई। बैठक का मार्गदर्शन कर रहे मीडिया कर्मियों ने जिलाधिकारी को बताया कि मुख्यमंत्री ने रात में कोई विद्युत कटौती न होने देने के आदेश एक दिन पहले दिन में जारी किये थे। लेकिन मुख्यमंत्री को भी नीचा दिखाने का साहस रखने वाले जिले के विद्युत अभियंताओं ने उसी रात इस आदेश की धज्जियां उड़ा दीं। साढ़े दस बजे विद्युत आपूर्ति शुरू हुई लेकिन हर आधा घंटे बाद सुबह तक बिजली बार-बार गुल होती रही। लोग रात भर गर्मी में बिजली न रहने से सो नही सके। मीडिया कर्मियों ने कहा कि अगर विद्युत अभियंता इसी तरह बेलगाम रहे तो रमजान में रोजादारों के लिए मुसीबत हो जायेगी। रमजान में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति तो दूर अगर आठ घंटे भी विद्युत मिल जाये तो भी बहुत होगा। लेकिन इसकी उग्र प्रतिक्रिया हो सकती है और कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा सकती है।
जिलाधिकारी ने इस पर विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता को तलब कर लिया। डीएम ने उनसे विद्युत कटौती के रोस्टर की जानकारी देने को कहा लेकिन उन्हें रोस्टर याद नही था जिससे उनकी जमकर फजीहत हुई। जिलाधिकारी ने उनसे साफ कहा कि इमरजेंसी कटौती के नाम पर मनमानी बंद की जाये। रमजान से पहले वे विद्युत व्यवस्था को पटरी पर लायें वरना उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। जिलाधिकारी ने एस्सेल ग्रुप के 50 मेगावाट सोलर प्लांट की बिजली को जनपद में देने के लिए शासन को पत्र लिखने की बात भी जिलाधिकारी ने कही।
बैठक में जालौन के नगर पालिकाध्यक्ष गुलाब सिंह जाटव उपस्थित नही थे। उनके खिलाफ कई शिकायतें गूंजी। बाद में डीएम ने नगर पालिका क्षेत्र में लगवाये गये 100 हैंडपंपों में हुई धांधली की जांच के लिए तीन सदस्यीय गठन की घोषणा की। टेंडर से पहले जालौन में सड़क निर्माण की शिकायतों पर भी डीएम ने नाराजगी जताते हुए इस मामले में भी जांच का एलान किया है। अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार भी बैठक में मौजूद थे।







Leave a Reply