cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। लेखपाल जिले के अधिकारियों को उठल्लू पर रखे हुए हैं। नतीजतन उनके द्वारा पेंच कसे जाने के बावजूद वे ओलावृष्टि से हुए नुकसान की चैक देने के लिए किसानों से सुविधा शुल्क ऐंठने से बाज नही आ रहे।
परगना कालपी के बिनौरा वैद के लगभग एक दर्जन ग्रामीणों ने आज गांव के लेखपाल द्वारा चैक के लिए प्रत्येक किसान से दो हजार रुपये मांगने की शिकायत के मददेनजर कलैक्ट्रेट में दूसरी बार धरना शुरू कर दिया। इसके पहले किसानों ने 26 मई को इस समस्या पर धरना दिया था। जिस पर नगर मजिस्ट्रेट उनके बीच पहुंचे थे और आश्वासन दिया था कि वे लोग धरना खत्म कर दें, उनकी चैक बिना किसी वसूली के उन्हें दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा।
लेकिन नगर मजिस्ट्रेट का यह आश्वासन ठनठन गोपाल साबित हुआ। लेखपाल ने गांव वालों से कहा कि वो जिले के अधिकारियों की कोई हैसियत नही समझता अगर मुख्यमंत्री भी उससे कहें तो उसकी आन है कि बिना दो हजार रुपया लिये वह चैक नही देगा। जब किसानों का धरना चल रहा था तभी कालपी क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार घोषित हो चुके नन्हू राजा कलैक्ट्रेट पहुंचे। जानकारी मिलते ही उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों को अपने साथ लिया और डीएम संदीप कौर के कक्ष में घुस गये। उनकी बात सुनकर डीएम ने किसानों से कहा कि वे अपने खाता नंबर सीधे उनकों देकर जायें वे ट्रेजरी से उनके खातों में राहत राशि पहुंचवाने के आदेश जारी कर देंगी। डीएम के रुख से प्रसन्न ग्रामीणों ने इसके बाद धरना खत्म कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि उस लेखपाल को डीएम क्या इनाम देंगी जो अपने को मुख्यमंत्री से भी ऊपर मानने का गुरूर पाले हुए है।

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