0 कोंच सीवेज की बिगड़ी व्यवस्था की शिकायत पर डीएम ने दिये थे सुधार के निर्देश
konch3 konch4कोंच-उरई। कोंच नगर की पटरी से नीचे जा चुकी सीवेज व्यवस्था को पटरी पर लाने की मुहिम जल संस्थान के अधिकारियों ने शुरू की है। शुक्रवार को जल संस्थान के अधिशासी अभियंता मनोजकुमार आर्य ने नगर में ओवरफ्लो सीवर चैंबरों का जायजा लेने के बाद गांधीनगर स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया और अधीनस्थों को जरूरी निर्देश दिये। उनका मेन फोकस ट्रीटमेंट प्लांट में भरी गंदगी को किसी तरह से साफ कराने पर रहा। इसके लिये उन्होंने हर जरूरी संसाधन जुटाने के निर्देश भी दिये।
गुजरे कल जिला मुख्यालय पर डीएम संदीप कौर द्वारा एक बैठक के दौरान पालिका प्रशासन कोंच की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे पालिका चेयरपर्सन विज्ञान विशारद सीरौठिया द्वारा सीवर की दयनीय दशा के बारे में जब तस्वीर डीएम को बताई तो डीएम ने तत्काल एक्सईएन जल संस्थान मनोजकुमार आर्य को बुला कर निर्देश दिये कि कोंच जाकर सीवर की खामियों को मौके पर देखें और उन्हें दूर कर व्यवस्था को पटरी पर लायें। उन्हीं के निर्देश पर कोंच आये अधिशासी अभियंता ने कस्बे में कई जगह सीवर के ओवरफ्लो चैंबरों का जायजा लेने के बाद गांधीनगर में बने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का भी मुआयना किया। यहां उन्हें जानकारी मिली कि अपर्याप्त संसाधनों की बजह से ट्रीटमेंट प्लांट सीवर लाइनों की गंदगी पहीं खींच पा रहा है और प्लांट भी बुरी तरह बजबजाता उन्होंने देखा तो अधीनस्थों को निर्देश दिये कि हर जरूरी उपकरण या अन्य चीजें हस्तगत करके सबसे पहले इस ट्रीटमेंट प्लांट में भरा मलवा निकालने की कोशिश करें। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि वह पुराना सिस्टम चालू कराने का प्रयास कर रहे हैं ताकि सम्प को खाली कराया जा सके, इसके बाद पुराने पाइपों को हटा कर नये पाइप लगाये जायेंगे। इतना हो जाने के बाद उन्हें उम्मीद है कि यहां की सीवर समस्या का काफी हद तक समाधान हो जायेगा।

सम्पवैल में आठ इंच व्यास से अधिक की क्षमता की मोटर लगे
konch5कोंच की साढ़े चार दशक पुरानी लगभग बत्तीस किमी लंबाई में पसरी सीवेज व्यवस्था दरअसल अब रखरखाव के अभाव में यहां के बाशिंदों के लिये अभिशाप बन कर सामने आ रही है। इसमें तमाम तकनीकी खामियों की बजह से ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था फेल है। इस स्थिति को देखते हुये पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया ने महाप्रबंधक झांसी डिवीजन जल संस्थान को पत्र लिख कर मांग की है कि यहां सम्पवैल का जब निर्माण हुआ उस वक्त यहां की आबादी पच्चीस से तीस हजार के बीच थी लेकिन अब आबादी लगभग तीन से चार गुना बढ गई है और व्यवस्था पुराने हिसाब से होने के कारण ध्वस्त हो चुकी है जिसके चलते यहां नारकीय स्थिति बनी है। उन्होंने कहा है कि दो इंच की क्षमता की मोटरें नाकाफी हैं लिहाजा कम से कम आठ इंच या इससे अधिक व्यास की क्षमता की मोटरें लगवाई जायें।

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