cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। आम्र्स एक्ट के तीन मुकदमों में तारीखों पर अदालत का मुंह चुरा रहे भूमिगत वारंटी को एट पुलिस ने खोज कर पकड़ लिया।
जमानत पर छूटने के बाद अपराधी गायब हो जाते हैं। उन्हें जमानतगीर का भी लिहाज नही रहता। अपराधियों के इस रवैये से मुकदमें वर्षों तक अदालत में अटके रहते हैं। पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने लंबित मुकदमों के त्वरित पटाक्षेप के लिए वारंट मामलों की कड़ी माॅनीटरिंग शुरू कर दी है। उनके नकेल कसने से कोतवाली और थानों को भी अपना रवैया बदलना पड़ा है। वारंट ठंडे बस्ते में डाले रहने की बजाय वारंटी की तत्काल धरपकड़ में तेजी के रूप में इसका असर सामने आ रहा है।
एट थाने में उरई के राजेंद्र नगर मोहल्ले में मकान बनाये राजू उर्फ राजकुमार तिवारी निवासी खरूसा के खिलाफ अदालती कार्रवाई को चकमा देने की वजह से तीन वारंट जारी थे। पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों को देखते हुए वारंट पर कार्रवाई में ढीलपोल बरतने की आदत छोड़कर एट पुलिस ने गंभीरता से राजू को तलाशा जिसके परिणाम स्वरूप वह पुलिस के शिकंजे में आ गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया है।

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