cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। ग्राम मुसमरिया में किसान कर्ज माफी हुंकार का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय किसान महासभा की जिला इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने सूखे की त्रासदी का वेदनापूर्ण बखान किया और उन्हें राहत दिलाने की सरकार की कोशिशों को नाकाफी बताते हुए उसके रवैये पर जमकर असंतोष जताया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए महासभा के प्रदेश सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि बुंदेलखंड में सरकारी बदइंतजामी के कारण सूखे की वजह से अकाल के हालात पैदा हो गये हैं। मोदी सरकार इसके बावजूद किसानों को कर्ज माफी की राहत देने को तैयार नही हैं जबकि उद्योगपतियों के लिए उसने पूरी दरियादिली से सरकारी खजाने का मुंह खोल रखा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड विकास पैकेज के बजट की लूट हो रही है। जिसकी वजह से सूखा नियंत्रण के संसाधन विकसित करने का संकल्प गूलर का फूल बनकर रह गया है।
भाकपा माले के बुंदेलखंड प्रभारी काॅ. रमेश सिंह सेंगर ने कहा कि कर्ज माफी किसानों का हक है। उसे आंदोलन का मुददा बनाकर लड़ाई तेज करनी होगी। सरकारें बुंदेलखंड को सिर्फ लूटने का काम कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि बंुदेलखंड में किसानों की दुर्दशा के लिए मोदी, अखिलेश दोनों की सरकारें जिम्मेदार हैं।
सम्मेलन को किसान महासभा के प्रदेश सहसचिव अफरोज आलम, जिला संयोजक राजीव कुशवाहा, शिववीर सिंह, कारेलाल कटेरिया, बाबूराम, अश्विनी तिवारी, रामबाबू सिंह, शिव सिंह, शिवपाल, कृष्ण राज, हरीशंकर अहिरवार, मुन्ना यादव आदि ने भी संबोधित किया। संचालन चैधरी रामसिंह ने किया। सम्मेलन में 22 जून को कर्ज माफी की मांग पर जिलाधिकारी कार्यालय पर हंगामी धरना आयोजित करने का फैसला लिया गया।

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