कालपी-उरई। स्थानीय सभासदों ने सामूहिक रूप से उप जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सुंदर तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
सुंदर तालाब एक समय नगर के प्रमुख तालाब में शुमार था जिसे जल संरक्षण की बड़ी धरोहर माना जाता था। लेकिन यह तालाब बाद में कब्जे का शिकार होता गया। सभासदों का तो आरोप यह है कि कालपी काॅलेज कालपी के निर्माण में इस तालाब का बड़ा रकबा हथिया लिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया था कि सभी तालाब अतिक्रमण मुक्त करा लिये जायें। लेकिन 2007 के बाद से प्रशासन केवल कागजी रिपोर्टें दाखिल करके अपना चेहरा बचाने में लगा है। इसी कारण सुंदर तालाब को अपनी पुरानी स्थिति में बहाल करने का दायित्व उसने ठंडे बस्ते में डाल रखा है।
सभासदों ने आज दिये गये ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रति प्रशासन की जबावदेही की याद उपजिलाधिकारी को दिलाई। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसके बाद उप जिलाधिकारी को किसी न किसी कार्रवाई के तत्पर होना पड़ेगा। उधर सभासदों की इस मुहिम से कालपी काॅलेज कालपी के प्रबंधन के लिए सिरदर्द पैदा हो सकता है।







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