cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी द्वारा 10 वर्ष तक संतोष जनक कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को सुपरवाइजर बनाकर सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की घोषणा का यहां व्यापक स्वागत हुआ है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष रामप्रसाद श्रीवास्तव, कार्यवाहक अध्यक्ष शील कुमार दूरबार और जिला मंत्री हरीश कुमार राठौर ने इसे परिषद के घटक आंगनवाड़ी कार्यकत्री/सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन के संकल्पपूर्ण संघर्ष का परिणाम बताते हुए सभी आंगनवाड़ी व सहायिका बहनों को मुबारकबाद दी।
रामप्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि उनको आंगनवाड़ी कार्यकत्री/सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन की प्रांतीय अध्यक्ष शोभा शर्मा ने केंद्रीय मंत्री के उक्त फैसले से अवगत कराया। गौरतलब है कि गत् 18 अप्रैल को सांसद सतीश गौतम के माध्यम से एसोसिएशन ने रैली कर आंगनवाड़ियो का मानदेय 15 हजार रुपये एवं सहायिकाओं का 10 हजार रुपये करने की मांग की थी। इसके बाद 17 मई को सीधे मेनका गांधी को पत्र भेजकर एसोसिएशन ने आंगनवाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा घोषित करने की मांग की थी। मेनका गांधी ने पत्र को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए इसे अग्रिम कार्रवाई के लिए अग्रसारित कर दिया था। इस प्रक्रिया के चलते मेनका गांधी ने 7 जून को विज्ञान भवन में देश भर की ढाई सौ महिला पत्रकारों की कार्यशाला को संबोधित करते हुए 10 साल तक काम कर चुकीं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन का द्वारा खोलने और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने का एलान कर दिया है। साथ ही मानदेय बढ़ोत्तरी का भी आश्वासन दिया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेताओं ने इसे ऐतिहासिक सफलता बताया।

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