0 पत्रकारों ने सीएम के नाम ज्ञापन देकर पूंछा कि मोहन भागवत के साथ हुई है कौन सी चार सौ बीसी


उरई। संघ प्रमुख मोहन भागवत के यू-ट्यूब पर काफी समय पहले वायरल हो चुके वीडियो को फिर से अपलोड कर देने के कारण न्यूज पोर्टल झांसी टाइम्स के संपादक मंडल के खिलाफ संगीन धाराओं में आगरा में दर्ज कराये गये मुकदमें को लेकर जिले के पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट में हंगामी प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
पत्रकारों ने इस दौरान कहा कि जब यह वीडियो वायरल हुआ था तब यू-ट्यूब पर मुकदमा कायम क्यों नही कराया गया था। पत्रकारों ने कहा कि यूपी की अखिलेश यादव सरकार की पुलिस संघ प्रमुख मोहन भागवत की आन-बान-शान के लिए इतनी संवेदनशील और बेचैन क्यों हो गई कि उसने झांसी टाइम्स के प्रधान संपादक केपी सिंह और उनके सहयोगी विनोद गौतम व प्रमोद गौतम के खिलाफ अभूतपूर्व धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर मीडिया के उत्पीड़न का नया रोडमैप तैयार कर डाला। आज तक किसी समाचार की वजह से किसी पत्रकार पर चार सौ बीसी का मुकदमा नही लिखा गया। आखिर मोहन भागवत के साथ केपी सिंह आदि ने कौन सी चार सौ बीसी की है। यह बात अखिलेश की पुलिस को उजागर करना चाहिए।
बाद में डीएम ने भरोसा दिलाया कि यह ज्ञापन तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय को अग्रसारित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अग्रिम कार्रवाई मुख्यमंत्री कार्यालय से ही होगी। ज्ञापन देने वालों में सुरेश खरकया, सुनील शर्मा, पवन श्रीवास्तव, संदीप दुबे, संजीव श्रीवास्तव, मनोज राजा, शिवकुमार सिंह, मनीष राज, इसरार, रमाशंकर शर्मा, प्रशांत बनर्जी, धनंजय त्रिवेदी, नवजीत सिंह, अखिलेश, अरमान, रवि निरंजन, श्याम बिहारी, गोविंद सिंह दाऊ, देवेंद्र सिंह जादौन, विनय गुप्ता, संजय मिश्रा, शानू सहारा, आशीष तिवारी, राहुल गुप्ता, अजय श्रीवास्तव, अलीम सिददीकी, आशू द्विवेदी, सुशील नायक, इरफान जालौन आदि लगभग एक सैकड़ा पत्रकार शामिल थे। पत्रकारों के तेवर प्रदर्शन में बेहद कड़े रहे। पत्रकारों ने अल्टीमेटम दिया कि अगर अनुचित तरीके से मुकदमा लिखवाने वाले आगरा के अराजक तत्वों पर कार्रवाई न हुई तो पूरे प्रदेश में मीडिया की आजादी की रक्षा के लिए अभियान छेड़ दिया जायेगा।






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